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साइबर सिटी में मिला-जुला रहा भारत बंद का असर

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गुरुग्राम। संयुक्त किसान मोर्चा और विभिन्न ट्रेड यूनियनों की ओर से किए गए भारत बंद का शहर में मिला-जुला असर रहा। कुछ स्थानों पर आमजन को थोड़ी-बहुत देर के लिए दिक्कतों का सामना करना पड़ा। सरहौल बॉर्डर पर दिल्ली पुलिस की जांच के कारण काफी देर तक जाम रहा। करीब साढ़े आठ बजे संयुक्त किसान मोर्चा और ट्रेड यूनियनों की ओर से शहर में पैदल मार्च कर दुकानदारों से दुकानें बंद कर आंदोलन में शामिल होने का आग्रह किया गया।
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मोर्चा की ओर से बाजार में खुली दुकानों को शांतिपूर्ण तरीके से बंद भी कराया गया, लेकिन बाद में जैसे-जैसे समय आगे बढ़ा, दुकानदारों ने अपनी दुकानें सामान्य दिनों की तरह ही खुली रखीं। किसान तथा ट्रेड यूनियन एवं सामाजिक संगठनों ने शांतिपूर्वक प्रदर्शन करते हुए अपना बाजार, अग्रसेन चौक से डाकखाना चौक होते हुए सदर बाजार में रोष मार्च निकाला। हाथों में तिरंगे झंडे, किसान संगठनों के झंडे तथा कृषि कानून विरोधी नारे लिखी हुई तख्तियां लेकर प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन सदर बाजार से होते हुए सोहना चौक, भूतेश्वर मंदिर चौक, ओल्ड जेल कांप्लेक्स से होते हुए जिला न्यायालय के पास से राजीव चौक किसान धरना स्थल पर पहुंचा। भारत बंद को कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के अलावा इंडियन नेशनल लोकदल का भी समर्थन मिला।
लंबे रूटों पर बंद रही रोडवेज की सेवाएं
रोडवेज को छोड़कर अन्य विभागों में भारत बंद का असर नगण्य रहा। रोडवेज ने अलसुबह कुछ लंबे रूटों पर मसलन, अंबाला, पानीपत, चंडीगढ़, आगरा, मथुरा, जयुपर के लिए बसें जरूरी रवाना की, लेकिन बाद में राष्ट्रीय राजमार्गों पर बंद के असर की सूचना के बाद रोडवेज ने तत्काल अपना फैसला वापिस लेते हुए सेवाएं बंद कर दी जिसके कारण लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को परेशानी हुई। धारूहेड़ा, रेवाड़ी, सोहना, पटौदी, फर्रूखनगर, मानेसर, बावल, पलवल जैसे लोकल रूटों पर बस सेवा सामान्य दिनों की तरह ही जारी रही। बाद में जयपुर रूट पर भी सेवा बहाल कर दी गई। रेलवे की सेवाएं भी सामान्य दिनों की तरह जारी रही।
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मेट्रो में सामान्य दिनों से अधिक भीड़ रही
सुबह बंद की सूचना के कारण लोगों ने अपने वाहन घरों में छोड़ना मुनासिब समझा। दिल्ली और एनसीआर के दूसरे हिस्सों में अपने काम के सिलसिले में जाने वाले लोगों ने मेट्रो के सहारे ही अपना सफर किया। इस कारण मेट्रो में सामान्य दिनों से अधिक भीड़ रही। टोकन लेने वालों से लेकर प्लेटफार्म तक लोगों की कतारें देखी गई।
जांच के कारण दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे पर रहा जाम
दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेस वे पर सरहौल बॉर्डर के समीप दिल्ली की सीमा में प्रवेश करने पर वाहनों की जांच के दौरान यहां लंबा जाम रहा। वाहनों की लंबी कतारें देख कर करीब 11 बजे जांच के लिए लगाए गए बैरिकेड्स को हटा दिया, लेकिन बाद में फिर से जैसे ही बैरिकेडिंग कर वाहनों की जांच आरंभ की गई, फिर से जाम लग गया। दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि ऊपर से मिले निर्देशों के तहत दिल्ली में वाहनों के प्रवेश से पहले जांच जरूरी है इसलिए जांच अभियान चलाया गया है। गुप्तचर विभाग की ओर से हरियाणा की सीमा से शरारती तत्वों और उपद्रवियों के प्रवेेश की आशंका के कारण यह कार्रवाई की जा रही है। देर तक जांच अभियान के कारण यहां जाम के हालत रहे।
जयपुर हाईवे और केएमपी पर सुबह नहीं दिखे वाहन
सुबह करीब छह बजे से लेकर 10 बजे तक जयपुर हाईवे और केएमपी पर इक्का-दुक्का वाहन ही नजर आए। कमर्शियल वाहन चालकों, खासकर ट्रक ड्राइवरों ने भारत बंद की सूचना पर हाईवे किनारे होटलों और ढाबों पर अपने वाहन खड़े रखे। ये लोग आने-जाने वालों से हाईवे की स्थिति पता करते रहे। तसल्ली होने के बाद ही ये अपने वाहनों को लेकर हाईवे पर निकले। दस बजे के बाद जयपुर हाईवे पर यातायात सामान्य हो पाया। केएमपी पर कुछ-कुछ ऐसे ही हालत रहे।
हर स्थिति से निपटने को पुलिस रही तैनात
भारत बंद के दौरान पूर्व तैयारियों के साथ पुलिस बल जगह-जगह तैनात रहा। हर प्रकार की स्थिति से निपटने के लिए करीब तीन हजार पुलिस कर्मचारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई। हाईवे से लेकर केएमपी तक पुलिस की पीसीआर वैन तैनात रहीं। इस दौरान यातायात पुलिस जगह-जगह संदिग्ध वाहनों की तलाशी करती भी दिखी। हालांकि गुप्तचर विभाग ने रेलवे स्टेशन और बस अड्डे जैसे सार्वजनिक स्थानों पर किसी अनहोनी की आशंका जताई थी जिसे देखते हुए जिला मजिस्ट्रेट डॉ. यश गर्ग ने रविवार देर रात ही ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त कर दिए थे। आशंका के विपरीत यहां स्थिति सामान्य रही।
मोर्चा ने बंद को बताया सफल
संयुक्त किसान मोर्चा गुरुग्राम के अध्यक्ष चौधरी संतोख सिंह ने दावा किया कि भारत बंद पूर्ण सफल रहा। सरकार की किसान, मजदूर तथा जन विरोधी नीतियों, काले कृषि कानूनों, श्रम कानूनों, महंगाई, निजीकरण, पेट्रोल, डीजल और घरेलू गैस की बढ़ी कीमतों के खिलाफ किसान, मजदूर, विभिन्न सामाजिक संगठनों के साथ आमजन ने अपना पूर्ण समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि सरकार 125 करोड़ जनता का गला घोटकर चंद पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाना चाहती है। प्रदर्शन में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी शामिल हुए।
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