तीन दशक से पुराना है विवाद, गुड़गांव व्यापार मंडल ने मुख्य न्यायाधीश समेत 20 जजाें को लिखा पत्र
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। सदर बाजार में दुकानों को पैतृक बताकर जिला अदालत से कब्जा के आदेश लेने के मामले में सोमवार को अदालत ने निष्पादन याचिका खारिज कर दी है। यह आदेश सिविल जज रूपम की अदालत ने दिया है। रविवार को अदालत के निष्पादन याचिका में कब्जा दिलाने के आदेश के विरोध में बाजार के व्यापारी इक्ट्ठा होकर गुड़गांव सिटी थाने में गए थे। सोमवार को इस मामले में वरिष्ठ अधिवक्ता अदालत के सामने पेश हुए। उन्होंने अदालत में कहा कि इस मामले में याचिकाकर्ता की तरफ से अदालत में तथ्य छुपाकर याचिका दायर की गई है।
अधिवक्ताओं ने मामले में पैरवी करते हुए बताया कि इस दुकान की जमीन को लेकर अदालत में तीन बार याचिका दायर हो चुकी है, जिन में फैसला आ चुका है। इसके बाद भी नाम बदलकर याचिका अदालत में दायर की जाती है। यह विवाद करीब तीन दशक पुराना है। इसी जमीन के एक मामले में सिविल जज पहले भी तथ्य छिपाने में याचिका खारिज कर चुकीं है। पूर्व में इसी डिक्री पर दायर निष्पादन याचिका को अदालत पहले ही 22 मार्च 2017 को खारिज कर चुकी है।
गुड़गांव व्यापार मंडल ने मुख्य न्यायाधीश समेत 20 जजाें को लिखा पत्र
गुड़गांव व्यापार मंडल की तरफ से मंगलवार को पंजाब एंड हरियाणा हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश, जिला सत्र एवं न्यायाधीश समेत 20 जजों को पत्र लिखा है। उन्होंने मांग की है कि इस जमीन के संबंध में याचिका आने पर उसको पूरी तरह से जांच किए जाए। इसके साथ ही निष्पादन याचिका में पैरवी करने वाले की तरफ से डाली गई याचिकाओं के बारे में बताया गया है। साथ ही एक किराए के संबंध में डाली गई याचिका में अदालत से तथ्य छुपाने की बात बताई गई है।