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Gurugram News: जुर्माने के विरोध में डाली याचिका अदालत ने की खारिज

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गुरुग्राम। अस्थायी कनेक्शन लेकर दूसरों को बिजली सप्लाई देने पर लगा जुर्माने के विरोध में दायर की याचिका को जिला अदालत ने खारिज कर दिया है। यह आदेश सिविल जज (जूनियर डिवीजन) हरी किशन की अदालत ने दिया है। बिजली निगम की टीम ने आईएमटी मानेसर स्थित प्लास्टिक कंपोनेंट कंपनी को निर्माण के लिए अस्थायी बिजली कनेक्शन दिया था। 12 दिसंबर 2023 को जब निगम की टीम ने जांच की तो पता चला कि कंपनी द्वारा सड़क के दूसरी तरफ एक जगह पर बिजली सप्लाई की जा रही है। इस पर निगम की तरफ से 6.41 लाख रुपये का जुर्माना लगा दिया। कंपनी ने इस जुर्माने के विरोध में अदालत में याचिका दायर की। बिजली निगम की तरफ से अदालत में दलील दी गई कि नियमों के अनुसार जिस को कनेक्शन दिया जाता है वह ही बिजली का इस्तेमाल कर सकता है। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद माना कि यह मामले सिविल अदालत के सुनने के क्षेत्राधिकार से बाहर है। ऐसे में याचिका को खारिज कर दिया गया। संवाद
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बिजली चोरी पर लगे जुर्माने की याचिका खारिज
गुरुग्राम। मीटर के तार से छेड़छाड़ कर बिजली चोरी करने पर लगे जुर्माने के विरोध में डाली गई याचिका को जिला अदालत ने खारिज कर दिया है। बिजली निगम ने एक ही दिन में कंपनी में लगे दो बिजली मीटर से चोरी करते हुए पकड़ा था। यह आदेश सिविल जज (जूनियर डिवीजन) निधि बेनीवाल की अदालत ने दिया है। बिजली निगम ने मानेसर में एक कंपनी में नौ जुलाई 2021 को जांच की थी। जांच के दौरान कंपनी में लगे दो अलग-अलग बिजली मीटर की तार से छेड़छाड़ करके बिजली चोरी की जा रही थी। इस पर बिजली निगम की तरफ से 13.30 लाख रुपये का जुर्माना कंपनी पर लगा दिया गया। कंपनी की तरफ से मानेसर के नवादा गांव निवासी सतीश ने अदालत में याचिका दायर की। याचिका में कहा गया कि बिजली चोरी नहीं की जा रही थी। निगम की तरफ से अदालत में दलील दी गई की नियमों के अनुसार ही जुर्माना लगाया गया है। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद हाई कोर्ट के फैसले का हवाले देते हुए कहा कि यह मामला सिविल अदालत के सुनने के क्षेत्राधिकार से बाहर है। ऐसे में याचिका को खारिज कर दिया गया। संवाद
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