आरोपियों ने फर्जी दस्तावेज व इंतकाल बनाकर धोखाधड़ी में दिया आरोपियों का साथ
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। धोखाधड़ी से जमीन के समझौते की शर्तों में बदलाव और पंजीकृत जीपीए लेटर रद्द करवाकर ठगी करने के मामले में आर्थिक अपराध शाखा-1 ने सरकारी कानूनगो सहित दो आरोपी 13 मार्च को गुरुग्राम से गिरफ्तार किए हैं। दोनों आरोपियों ने फर्जी दस्तावेज व इंतकाल बनाकर धोखाधड़ी में अन्य आरोपियों का साथ दिया था। पुलिस द्वारा इस मामले में अब तक कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। आर्थिक अपराध शाखा-1 मामले में आगामी कार्रवाई कर रही है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गुरुग्राम के राठीवास गांव निवासी सतबीर राठी (58) और झुंड सराय गांव निवासी विशन कुमार (46) के रूप में हुई है। आरोपियों से पूछताछ में सामने आया कि आरोपी सतबीर वर्ष 1997 में पटवारी के पद पर भर्ती हुए थे और वर्ष 2020 से वर्ष 2023 तक सोहना तहसील में कानूनगो के पद पर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने मामले में अन्य आरोपियों के कहने पर आरोपी राजेंद्र (पटवारी) व आरोपी विशन कुमार (कॉन्ट्रैक्चुअल लैंड रिकॉर्ड डाटा एंट्री ऑपरेटर) के साथ मिलकर जमीन के फर्जी दस्तावेज व इंतकाल बनाए थे।
फर्जी दस्तावेज व इंतकाल बनाने के बदले में आरोपी सतबीर व विशन कुमार को 40 हजार रुपये मिले थे। उन्हीं फर्जी दस्तावेज के माध्यम से यशदीप बिल्डर्स एलएलपी कंपनी के साथ ठगी की वारदात को अंजाम दिया था। फर्जी दस्तावेज के आधार पर पहले से किए गए समझौतों की शर्तों में बदलाव कर दिए और कंपनी के पक्ष में पंजीकृत जीपीए को भी रद्द करवा दिया व कंपनी को आर्थिक नुकसान पहुंचाया गया।
गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों सतबीर व विशन कुमार को शनिवार को अदालत में पेश करके दो दिन के रिमांड पर लिया गया है। रिमांड के दौरान आरोपियों से धोखाधड़ी मामले में अन्य जानकारी हासिल की जाएंगी और अन्य संलिप्त लोगों के बारे में पूछताछ की जाएगी।
- विशाल, एसीपी आर्थिक अपराध शाखा, गुुरुग्राम।