20 साल के बाद इस हाईवे को किया जाएगा अपग्रेड
- परियोजना पर 245 करोड़ रुपये होगा अनुमानित खर्च
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। दिल्ली-जयपुर हाईवे (एनएच-8) के दिल्ली-गुड़गांव सेक्शन पर सड़क की हालत सुधरेगी। करीब 20 साल बाद इस हाईवे को अपग्रेड किया जाएगा। इस पर लगभग 245 करोड़ रुपये का अनुमानित खर्च होगा। इससे वाहन चालकों की राहत आसान होगी।
दिल्ली-जयपुर हाईवे पर रोजाना तीन लाख के करीब वाहनों की आवाजाही होती है। इस पर वाहनों का काफी ज्यादा दबाव रहता है। सड़क की हालत खराब होने की वजह से अक्सर जाम लगता है। इसी के मद्देनजर एनएचएआई ने इस हाईवे के सुधार का निर्णय लिया है। परियोजना निदेशक आकाश पाड़ी ने बताया कि गुड़गांव में औद्योगिक क्षेत्र का दायरा बढ़ने की वजह से इस हाईवे लोड काफी ज्यादा बढ़ गया है। इसके चलते करीब 42 किलोमीटर के हिस्से पर काफी दबाव रहता है। सड़क की हालत जर्जर है। गाड़ियों में झटके लगते हैं। इसकी वजह से कई हादसे हो चुके हैं।
ब्लैक स्पॉट खत्म किए
परियोजना निदेशक के बताया कि यहां ब्लैक स्पॉट खत्म किए जाएंगे। हाईवे पर रोशनी का उचित इंतजाम होगा। सड़क हादसों को कम करने के लिए विभिन्न जगहों पर न्यू जर्सी की तर्ज पर बैरियर लगाए जाएंगे। इसके अलावा हीरो होंडा चौक से खेड़की दौला टोल के बीच जलभराव की समस्या से निजात के लिए कार्य किया जाएगा। यहां अंडरपास और सर्विस रोड की जर्जर हालत भी सुधारी जाएगी। काम शुरू करने से पहले इसका सर्वे तकनीकी सर्वे करवाया जाएगा।
दिल्ली-जयपुर हाईवे पर रोजाना तीन लाख के करीब वाहनों की आवाजाही होती है। इस पर वाहनों का काफी ज्यादा दबाव रहता है। सड़क की हालत खराब होने की वजह से अक्सर जाम लगता है। इसी के मद्देनजर एनएचएआई ने इस हाईवे के सुधार का निर्णय लिया है। परियोजना निदेशक आकाश पाड़ी ने बताया कि गुड़गांव में औद्योगिक क्षेत्र का दायरा बढ़ने की वजह से इस हाईवे लोड काफी ज्यादा बढ़ गया है। इसके चलते करीब 42 किलोमीटर के हिस्से पर काफी दबाव रहता है। सड़क की हालत जर्जर है। गाड़ियों में झटके लगते हैं। इसकी वजह से कई हादसे हो चुके हैं।
सर्विस रोड की भी होगी कायाकल्प
दिल्ली-जयपुर हाईवे पर बनी सर्विस रोड के हालात भी काफी खराब है। सड़क जर्जर हो चुकी है। बारिश के मौसम में जलभराव से परेशानी बढ़ जाती है। जाम की समस्या भी बढ़ जाती है। परियोजना निदेशक के अनुसार हाईवे के साथ-साथ सर्विस रोड के भी हालत सुधरेंगे। इसे भी अपग्रेड किया जाएगा। यहां फुटपाथ पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। क्षतिग्रस्त क्रैश बैरियर को बदलने और बेहतर चमक के साथ नई स्ट्रीट लाइट लगाने से सुरक्षा में और वृद्धि होगी। उन्होंने बताया कि अभी हाईवे पर स्ट्रीट लाइटों की केबल भी चोरी हो जाती है। इसके मद्देनजर यहां लगने वाले स्ट्रीट लाइटों को भी सुरक्षित ढंग से लगाया जाएगा। यह लाइटें ऑटोमैटिक होंगी। इसके अलावा हाईवे पर अवैध रूप से एंट्री और एग्जिट प्वाइंटों को भी बंद किया जाएगा। सर्वे के दौरान यह पाया गया है कि इस हाईवे पर अवैध 51 एंट्री और एग्जिट प्वाइंट पाए गए थे, जोकि सड़क दुर्घटनाओं का बड़ा कारण बनते थे।