अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अमित सहरावत ने शुक्रवार को करोड़ों की चोरी के मामले में फरार चल रहे निलंबित आईपीएस अधिकारी धीरज सेतिया , गैंगस्टर विकास लगरपुरिया तथा चेतन उर्फ बॉक्सर को भगोड़ा घोषित किया है। साथ ही स्थानीय पुलिस व डीसीपी हेडक्वार्टर को इस बारे में सूचित करने का आदेश भी दिए हैं। इस मामले में एसटीएफ से दो मार्च को अगली सुनवाई के दौरान तीनों आरोपियों की प्रॉपर्टी का ब्योरा भी मांगा है। जिससे कि उनकी प्रॉपर्टी को अटैच करने की प्रक्रिया शुरू की जा सके।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में निलंबित आईपीएस अधिकारी धीरज सेतिया के वकील अजय वर्मा ने बचाव में कहा कि इस मामले की एफआईआर रद्द करने की याचिका पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में विचाराधीन है। इसलिए इस पर सुनवाई न की जाए। वकील के इस तर्क को नकारते हुए अदालत ने आदेश में लिखा है कि उनके पास हाईकोर्ट की ओर से स्थगन आदेश नहीं आया है। इस मामले में सरकारी वकील का पक्ष सुनने के बाद निलंबित आईपीएस अधिकारी धीरज सेतिया सहित तीनों को भगोड़ा घोषित करने के आदेश जारी कर दिए ।
अदालत में एसटीएफ की ओर से कहा गया कि आरोपियों को भगोड़ा घोषित करने की प्रक्रिया के चलते उनके घर पर अदालत का नोटिस भी चस्पा किया जा चुका है। एक अन्य आरोपी जोगिन्दर की 14 दिन की न्यायिक हिरासत बढ़ा दी है। जेल में बंद आरोपी डॉक्टर जीपी सिंह को भी अदालत में पेश किया गया था।
यह है मामला
पिछले साल दो अगस्त को खेड़कीदौला थाना क्षेत्र में एक फ्लैट से करोड़ों की चोरी हुई थी। जिसकी रिपोर्ट 20 अगस्त 2021 को दर्ज की गई। इस मामले में आईपीएस अधिकारी धीरज सेतिया के संलिप्त होने के आरोपों के चलते सरकार ने एसआईटी को जांच सौंपी थी। एसटीएफ ने इस मामले की जांच में गुरुग्राम में तैनात डीसीपी साउथ धीरज सेतिया को दोषी माना है। उन्हें पूछताछ के लिए भी बुलाया गया था लेकिन वह एसटीएफ की जांच में शामिल नहीं हुए। इसी के बाद अदालत में भगोड़ा घोषित करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। अब तक इस मामले में एसटीएफ की ओर से 12 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।