पटौदी/बादशाहपुर। कोरोना संक्रमण का असर कम होने के बाद जिले के उपमंडल अस्पतालों व ग्रामीण इलाकों के स्वास्थ्य केंद्रों पर मरीजों की भीड़ बढ़ने लगी है, लेकिन पर्याप्त संख्या में चिकित्सक, संसाधन व मशीनरी न होने के कारण मरीजों को काफी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। पटौदी उपमंडल अस्पताल में एक्स-रे मशीन तो है, लेकिन पिछले करीब डेढ़ साल से रेडियोग्राफर नहीं है। इसके कारण मरीजों को एक्स-रे तक कराने के लिए गुुरुग्राम सेक्टर-10 नागरिक अस्पताल के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। ग्रामीण इलाकों व कस्बों में स्थित उपमंडल अस्पतालों तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की हालत बेहद खराब है। बात अगर पटौदी उपमंडल नागरिक अस्पताल की करें तो यहां न तो पर्याप्त संख्या में चिकित्सक हैं और न ही मशीनरी है।
लाखों रुपये की लागत से बने पटौदी उपमंडल नागरिक अस्पताल में एक्स-रे मशीन तो है लेकिन लगभग डेढ़ साल से रेडियोग्राफर की नियुक्ति न होने के कारण मशीन धूल फांक रही है। मरीजों को एक्सरे करवाने के लिए या तो निजी अस्पतालों में जाना पड़ता है या फिर 25-30 किलोमीटर दूर सेक्टर-10 नागरिक अस्पताल गुरुग्राम जाना पड़ता है। पटौदी उपमंडल नागरिक अस्पताल में आईसीयू तक की सुविधा नहीं है।
तीन घंटे के इंतजार के बाद भी नहीं आया नंबर
करीब तीन लाख की आबादी वाले पटौदी उपमंडल अस्पताल में पर्याप्त संख्या में चिकित्सक भी नहीं हैं। शुक्रवार को इलाज के लिए आई एक बुजुर्ग महिला नफीसा ने बताया कि वह सुबह ही अस्पताल में पहुंच गई थीं लेकिन तीन घंटे बीत जाने के बाद भी अब तक उनकी बारी नहीं आई है। उन्होंने बताया कि अगर अस्पताल में एक और स्त्री रोग विशेषज्ञ की नियुक्ति हो जाए तो महिलाओं को लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
क्या बोले अस्पताल के प्रभारी
उपमंडल नागरिक अस्पताल के प्रभारी व वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी (एसएमओ) डॉ. योगेंद्र ने बताया कि अस्पताल में कुल 12 डॉक्टर हैं, जिनमें चार विशेषज्ञ हैं। उन्होंने बताया कि एक्सरे मशीन तो है लेकिन रेडियोग्राफर नहीं है। इसके लिए सीएमओ को पत्र लिखा है। अस्पताल में मार्च-अप्रैल में ब्लड बैंक यूनिट चालू हो जाएगी। अन्य संसाधनों के लिए भी वह प्रयास कर रहे हैं।
डिस्पेंसरी में डेढ़ माह से दंत चिकित्सक नहीं
बादशाहपुर। बादशाहपुर क्षेत्र की हालत तो और खस्ता है। करीब 15 हजार की आबादी वाले इलाके मेें दान की जगह पर डिस्पेंसरी चल रही है, जहां पिछले करीब डेढ़ माह से दंत रोग विशेषज्ञ नहीं है। डिस्पेंसरी में महज दो ही डॉक्टर और एक दंत रोग विशेषज्ञ है। इस वजह से मरीजों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने बताया कि कभी-कभी यहां पर एक ही डॉक्टर मरीजों को देखता है। इस वजह से मरीजों को बाहर का रूख करना पड़ रहा है। डिस्पेंसरी में जगह कम होने की वजह से कई बार बाहर चौक तक मरीजों की कतार लग जाती है।
पटौदी उपमंडल अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसी क्रम मेें रेडियोग्राफर की नियुक्ति, आईसीयू, वेंटिलेटर समेत अन्य मशीनरी व संसाधन भी बढ़ाए जाएंगे।
- सत्यप्रकाश जरावता, विधायक पटौदी