हिंसा मामले में प्रशासन सख्त नजर आ रहा है। रविवार को जिला उपायुक्त धीरेंद्र खड़गटा व एसपी नरेंद्र बिजारनिया ने जिले के कई क्षेत्रों का दौरा किया। उन्होंने शांति व कानून व्यवस्था का जायजा लिया और दोनों समुदायों के मौजिज लोगों व स्थानीय नागरिकों से बातचीत करते हुए शांति की अपील की।
हिंसा को लेकर तरह-तरह की अफवाहें फैलाई जा रही हैं। हाल ही में एक समुदाय की तरफ से महिलाओं के गायब होने व महिलाओं के साथ दुष्कर्म करने की अफवाह उड़ाई गई है। इस मामले में कुछ शरारती तत्वों ने महिलाओं के कुछ कपड़े सड़क किनारे डालकर उनकी वीडियो बनाकर उन्हें वायरल कर दी।
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जब इस बारे में पुलिस प्रशासन को जानकारी मिली तो पुलिस तुरंत हरकत में आई। पुलिस ने सच्चाई को जाना तो यह पूरी तरह से झूठ पाई गई। स्वयं एडीजीपी लॉ एंड ऑर्डर ममता सिंह ने बताया कि यह पूरा मामला झूठा है। जिस दौरान यह मामला हुआ वो मंदिर परिसर में महिलाओं के साथ थीं।
न तो अभी तक किसी महिला व बच्चे के गायब होने की खबर है और न ही कोई दुष्कर्म हुआ है। पुलिस कप्तान नरेंद्र बिजारनिया ने बताया कि अफवाह फैलाने वालों पर साइबर सेल की कड़ी निगरानी है। ऐसे दस लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है, जो सोशल मीडिया के जरिये अफवाह फैलाने का काम कर रहे थे।
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उधर, हिंसा मामले में प्रशासन सख्त नजर आ रहा है। रविवार को जिला उपायुक्त धीरेंद्र खड़गटा व एसपी नरेंद्र बिजारनिया ने जिले के कई क्षेत्रों का दौरा किया। उन्होंने शांति व कानून व्यवस्था का जायजा लिया और दोनों समुदायों के मौजिज लोगों व स्थानीय नागरिकों से बातचीत करते हुए शांति की अपील की।
मौजिज लोगों ने भी जिला प्रशासन को आश्वस्त किया कि वे उनके साथ हैं और उन्हें पूरा सहयोग दिया जाएगा। साथ ही पुलिस कप्तान ने साफ सन्देश दिया कि जो दोषी हैं, वह पुलिस के पास आकर सरेंडर कर दें नहीं तो फिर पुलिस अपने तरीके से कार्रवाई करेगी।
पुलिस कप्तान ने कहा कि इस मामले में अभी भी काफी आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। जिनको चिन्हित किया गया है, ऐसे लोग तुरंत पुलिस को सरेंडर करें ताकि किसी अन्य व्यक्ति को कोई दिक्कत न हो। एसपी ने कहा कि जिले में 84 कोस की परिक्रमा शांतिपूर्वक चल रही है और इस दौरान दोनों समुदाय एक दूसरे का सहयोग करते हुए मिलजुल कर रह रहे हैं।
जिले में शांति व कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुबह से ही जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी सहित ड्यूटी मजिस्ट्रेट तथा टीमें मैदान में उतरीं और लोगों से शांति व कानून व्यवस्था बनाए रखने को लेकर अपील की। उपायुक्त तथा एसपी ने बिछोर, पुन्हाना, फिरोजपुर झिरका तथा नगीना सहित कई अन्य क्षेत्रों का दौरा किया।
गांव बिछोर थाने में उपायुक्त धीरेंद्र खड़गटा ने स्थानीय निवासियों के साथ बैठक करते हुए कहा कि गांव बिछोर भाईचारे का प्रतीक है। यहां हिंदू और मुस्लिम समुदाय के बीच भाईचारा मिसाल पेश करता है। उन्होंने कहा कि 84 कोस की परिक्रमा चल रही है जो कि भाईचारे की मिसाल है। श्रद्धालुओं की सुविधा का विशेष तौर पर ध्यान रखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसी के साथ गलत नहीं होने देंगे और जरूरत पड़ने पर सही लोगों को संरक्षण दिया जाएगा।