गुरुग्राम। जिले में दुर्घटना संभावित क्षेत्रों की पहचान करके वहां पर स्पीड डिटेक्टर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। जिला उपायुक्त डॉ. यश गर्ग की अध्यक्षता में शुक्रवार को आयोजित जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में उक्त निर्णय लिया गया। स्पीड डिटेक्टर सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए जिला उपायुक्त ने अधिकारियों से 20 दुर्घटना संभावित जगहों की सूची तैयार करने का निर्देश दिया है।
इस अवसर पर उपायुक्त ने गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) द्वारा लगाए जा रहे सीसीटीवी कैमरों के बारे में भी जानकारी प्राप्त की। जीएमडीए के अधिकारी ने बताया कि जिले में 222 जगहों पर 1200 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने की योजना है, जिनमें से 167 जगहों पर 800 सीसीटीवी कैमरे लगाए जा चुके हैं। वहीं, 55 जगहों पर कैमरे लगाने का काम चल रहा है। जीएमडीए के अधिकारियों ने बताया कि कई जगहों पर निर्माण कार्य चलने के कारण अपेक्षा अनुसार काम नहीं हो पा रहा है। बैठक में राजीव दुर्घटना संभावित क्षेत्र राजीव चौक के बारे में खास तौर पर चर्चा की गई। इस पर उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को राजीव चौक पर होने वाली सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए प्लान तैयार करने व ट्रायल करने का निर्देश दिया।
महज 13 मिनट में मिल रहा घायलों को इलाज
जिला उपायुक्त ने कहा कि सड़क दुर्घटनाएं रोकने की योजना तैयार करने के साथ ही राहगीरों की सुरक्षा का भी खयाल रखा जाए। उपायुक्त के सवाल पर जीएमडीए के अधिकारियों ने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं में घायल राहगीरों को पिछले दिसंबर तक करीब 20 मिनट के अंतराल पर प्राथमिक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो पाती थी, लेकिन अब यह समय घटकर मात्र 13 मिनट रह गया है और इस समय को और कम करने का प्रयास किया जा रहा है।
5.5 किलोमीटर के मॉडल रोड पर चल रहा काम
क्षेत्रीय यातायात प्राधिकरण की सचिव धारणा यादव ने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं में घायल लोगों का डाटा तैयार करने के लिए निजी अस्पतालों से भी समन्वय स्थापित किया जा रहा है। वहीं, हरियाणा राज्य परिवहन डिपो गुरुग्राम में कार्यरत वाहन चालकों व कंडक्टरों के लिए भी सप्ताह में दो बार स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया जा रहा है। धारणा यादव ने बताया कि जिले में 5.5 किलोमीटर लंबे मॉडल रोड बनाए जाने की योजना पर काम चल रहा है। इस रोड पर साइनेज, फुट ओवर ब्रिज, पैदल चलने वालों के लिए फुटपाथ, साफ-सफाई, पेड़-पौधे सहित अन्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
अन्य सड़कों को मॉडल रोड बनाने के लिए कमेटी गठित
बैठक के दौरान जिला उपायुक्त ने अतिरिक्त उपायुक्त, जीएमडीए तथा पुलिस कर्मियों की एक कमेटी गठित कर जिले में अन्य सड़कों को मॉडल रोड के तौर पर विकसित करने की जिम्मेदारी सौंपी। उन्होंने कहा कि यह रोड अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार होगा। उपायुक्त ने सुरक्षित स्कूल वाहन पॉलिसी को लेकर जिले में किए गए कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सभी स्कूल संचालकों से इस पॉलिसी का अनुपालन कराया जाना सुनिश्चित किया जाए। इस मामले में लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त प्रशांत पवार, क्षेत्रीय यातायात प्राधिकरण की सचिव धारणा यादव, सोहना एसडीएम चिनार चहल, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी नरेंद्र सारवान सहित कई अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।