नगर परिषद को राजस्व नुकसान, भवन नियमों की खुलेआम अनदेखी
संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। शहर में अवैध निर्माण का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। नूंह नगर परिषद क्षेत्र में बड़ी संख्या में मकान बिना नक्शा पास कराए ही बनाए जा रहे हैं। इससे न केवल नगर परिषद को लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है, बल्कि भवन निर्माण से जुड़े नियमों और कानूनों की भी खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार शहर की कई कॉलोनियों व मोहल्लों में निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है, लेकिन अधिकांश भवनों के नक्शे नगर परिषद से स्वीकृत नहीं हैं। नियमों के तहत निर्माण से पहले नक्शा पास कराना अनिवार्य है, ताकि सड़क की चौड़ाई, नालियों, सीवरेज, बिजली और जल आपूर्ति जैसी बुनियादी सुविधाओं की सही योजना बन सके। मगर अवैध निर्माण के चलते भविष्य में लोगों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
जानकारों का कहना है कि बिना नक्शा पास कराए बनाए गए मकानों से नगर परिषद को मिलने वाला नक्शा शुल्क, विकास शुल्क और अन्य टैक्स सीधे तौर पर प्रभावित हो रहे हैं। इससे शहर के विकास कार्यों पर भी असर पड़ रहा है। वहीं अवैध निर्माण बढ़ने से संकरी गलियां, जलभराव और ट्रैफिक जाम जैसी समस्याएं भी पैदा हो रही हैं।
स्थानीय नागरिकों ने आरोप लगाया है कि कई बार शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नाममात्र की होती है। कभी-कभार नोटिस जारी कर औपचारिकता पूरी कर ली जाती हैं, लेकिन निर्माण कार्य धड़ल्ले से जारी रहता है। लोगों की मांग है कि नगर परिषद अवैध निर्माण पर सख्ती से रोक लगाए और बिना नक्शा बनाए जा रहे भवनों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करे। शहरवासियों का कहना है कि यदि समय रहते इस पर अंकुश नहीं लगाया गया तो नूंह में अव्यवस्थित विकास और भी गंभीर रूप ले सकता है।
ऐसे निर्माण कार्यों की निगरानी बढ़ाई जाएगी। कुछ मकान बैगर नक्शा के बनाए गए हैं कुछ को नोटिस दिया गया है। लेकिन अब इस पर शक्ति से कार्रवाई की जाएगी। - संजय मनोचा, अध्यक्ष नगर परिषद नूंह।