फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

खुलासा : हत्या के बाद बेटे को छिपने में की थी पूरी मदद

विज्ञापन
विज्ञापन
गुरुग्राम (मयंक तिवारी)। एसजीटी यूनिवर्सिटी में मेडिकल छात्र की हत्या के बाद बेटे लकी को पिता ने छिपने के लिए उसे पूरी सहायता की। पुलिस को छानबीन के दौरान इस बात का खुलासा हुआ है। अपने रसूख में उसने लाइसेंसी रिवॉल्वर भी ले रखी थी।
विज्ञापन

सीआईए सेक्टर दस की टीम को छानबीन के दौरान पता चला है कि पंखिल उर्फ लकी के पिता धनंजय ने नजफगढ़ में अपनी धाक जमा रखी थी। खुद लाइसेंसी रिवॉल्वर लेकर चलता था जबकि नजफगढ़ में रजिस्टर नंबर दस में नाम दर्ज है। जांच कर रही पुलिस को लकी के मोबाइल से यह भी पता चला है कि वह अपने बेटे से फोन नंबर बदल-बदल कर बात करता था। इतना ही नहीं, अपने बेटे को जेब खर्च भिजवाने की बात कर रहा है। जबकि वह पुलिस से बार-बार झूठ बोलता रहा। उसका लाइसेंस दिल्ली से बना हुआ है। पुलिस के अनुसार, उसकी गिरफ्तारी के बाद ही इसकी सूचना दिल्ली पुलिस को भेजी जायेगी।
पिता की रिवॉल्वर देखकर हुआ था शौक
पुलिस को छानबीन के दौरान पता चला है कि घर में लाइसेंसी रिवॉल्वर होने के कारण वह बचपन से ही असलहों के प्रति आकर्षित हुआ। अब पुलिस ने इस बारे में भी छानबीन शुरू कर दी है।
विज्ञापन

हिमानी ने लकी के नंबर को कर रखा था ब्लॉक
छानबीन के दौरान यह बात भी सामने आई है कि हिमानी पिछले कुछ दिनों से लकी से कम बात कर रही थी। उसने उसका नंबर ब्लॉक कर रखा था। एक दिन रेस्टोरेंट में उसका मोबाइल लकी के हाथ लग गया। इसके बाद उसे विनीत से बात होने का शक हुआ। उसने एक एप के जरिये यह जाना कि विनीत और हिमानी की बीच में लंबी बात हुई है। उसी के बाद उसने विनीत को सबक सिखाने की योजना अपने जेहन में बना ली थी। उसका भाई नितेश भी इस मामले में पूरा साथ दे रहा था। नितेश का दोस्त राहुल है जो विनीत को जानता है। दोनों ने मिल कर क्लास रूम में जाकर उसे बुलाया था।
तीन दिन की पुलिस रिमांड पर हत्या का आरोपी
गुरुग्राम। एसजीटी यूनिवर्सिटी में आठ दिन पहले मेडिकल छात्र की गोली मार कर हुई हत्या के मामले में सीआईए सेक्टर दस की टीम ने हत्या के आरोपी लकी को शुक्रवार को अदालत में पेश किया। जहां पर उसे तीन दिन की रिमांड पर लिया है।
पुलिस टीम ने वारदात में इस्तेमाल हथियार, बुलेट बाइक को बरामद करने के साथ ही शरण लेने वाले स्थान की निशानदेही करायेगी। पुलिस ने आरोपी का पांच दिन का पुलिस रिमांड मांगा था। सीआईए सेक्टर दस प्रभारी बिजेंद्र हुड्डा का कहना है कि मामले की जांच चल रही है। जांच में जो भी दोषी पाया जायेगा। उसे गिरफ्तार किया जायेगा। इससे जुड़े सवालों का खुलासा पुलिस रिमांड के दौरान किया जायेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें