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400 बेड के अस्पताल निर्माण में देरी पर फटकार

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गुरुग्राम। सिविल लाइन में पुराने नागरिक अस्पताल की जगह बनाए जाने वाले 400 बेड के नए अस्पताल के निर्माण में देरी पर केंद्रीय राज्यमंत्री राव इंद्रजीत सिंह जिम्मेदार विभागों और अधिकारियों पर भड़क गए। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों पर सवालों की झड़ी लगाते हुए कहा कि आखिर कब बनेगा नया अस्पताल? केंद्रीय मंत्री शुक्रवार की दोपहर तय कार्यक्रम अनुसार अस्पताल का निरीक्षण करने पहुंचे थे। यहां पहले से मौजूद जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुधीर राजपाल के साथ एडीसी विश्राम मीणा और पीडब्ल्यूडी तथा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मौजूद थे।
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राव इंद्रजीत सिंह ने आते ही पूछा कि अब तक इमारत टूटी भी नहीं है। दस माह तो हो गए, अब और कितना समय लगेगा। इस बीच सुधीर राजपाल और अन्य अधिकारियों ने एमआरआई और सीटी स्कैन सेंटर को शिफ्ट करने की प्रमुख बाधा के बारे में बताया। जिस पर उन्होंने शिफ्टिंग तत्काल करने के निर्देश दिए। वहां मौजूद एमआरआई ऑपरेटर ने बताया कि पूरा सिस्टम खोलने में 10 से 12 दिन लगेंगे। केंद्रीय मंत्री ने शिफ्टिंग की नई व्यवस्था करने बारे स्वास्थ्य विभाग और पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में यहां दी जा रही स्वास्थ्य सुविधाएं लोगों के लिए जोखिमपूर्ण हैं इसलिए इन्हें जल्द से जल्द यहां से शिफ्ट करवाने की व्यवस्था करें। उन्होंने कहा कि वे एक महीने के बाद दोबारा यहां पहुंचकर कार्य की प्रगति को लेकर साइट विजिट करेंगे।
दो वर्षों से फाइलों में चल रही परियोजना
सिविल लाइंस स्थित पुराने नागरिक अस्पताल की जगह पर अस्पताल की नई इमारत बनाने की योजना बीते दो वर्षों से सिर्फ फाइलों में चल रही है। सरकार नई इमारत बनाने के लिए अस्पताल के साथ लगते स्कूल की भी कुछ जमीन अधिग्रहित कर चुकी है और उसे स्वास्थ्य विभाग के नाम भी कर दिया गया है, लेकिन अब तक अस्पताल की नई इमारत का निर्माण जमीनी स्तर पर शुरू नहीं हो सका है। अभी पुरानी इमारत टूटी भी नहीं है। शुरुआत में नई इमारत 500 बेड की बनाने की घोषणा की गई थी। हालांकि बीच में चर्चा थी कि जितनी जमीन उपलब्ध है, उस पर 500 बेड नहीं बन पाएंगे। लोक निर्माण विभाग को अस्पताल की नई इमारत बनाने की जिम्मेदारी दी गई है, लेकिन अभी तक भी नई इमारत की डीपीआर तैयार नहीं हो पाई है। पिछले दिनों मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने 400 बेड का अस्पताल बनाने की घोषणा की थी।
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कोरोना के दौरान नाकाफी रही सुविधाएं
निरीक्षण के दौरान पत्रकारों से बात करते हुए राव इंद्रजीत ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी महसूस की गई। लोगों को इलाज के लिए निजी अस्पतालों पर निर्भर रहना पड़ा। लोगों को वित्तीय तौर पर भी काफी परेशानी उठानी पड़ी। नए नागरिक अस्पताल बनने से लोगों को आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया हो पाएंगी। यह अस्पताल 8 एकड़ में बनाया जाना है।
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