पटौदी। खंड के गांव मिल्कपुर में 11 साल बीत जाने के बाद भी महात्मा गांधी ग्रामीण बस्ती योजना में भूमिहीन कामगारों को प्लॉट नहीं मिले हैं। वह दर-दर की ठोकरें खाने के लिए मजबूर हैं। प्लॉट आवंटित न होने के कारण महिलाओं ने लघु सचिवालय के बाहर हाथों में प्लेट और चम्मच बजाकर सरकार तथा प्रशासन के प्रति रोष प्रकट किया।
ज्ञानो देवी, सुदेश, शर्मिला, संतोष, शकुंतला, मैना, निर्मला, मनीषा, ओमकला, पूनम सुरेश, बीना और सुमन ने बताया कि सरकार को ध्यान देना चाहिए। कोई सुनने वाला नहीं है। महिलाओं ने कहा कि राज्य 2010 में तत्कालीन सरकार ने महात्मा गांधी ग्रामीण बस्ती योजना के अंतर्गत भूमिहीन कामगारों को गांव मिल्कपुर के 43 लोगों को 100-100 गज के प्लॉट की रजिस्ट्री सौंपी थी। लेकिन 11 साल बाद भी प्लॉटों की निशानदेही तक नहीं मिली है। रजिस्ट्री लेकर इधर-उधर धक्के खाने को मजबूर हैं। उन्होंने तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर प्लॉटों का कब्जा दिलाने की मांग की है।