यह वह सिस्टम होता है, जिसमें लाइट अचानक किसी हरकत के बाद तेजी से जलना-बुझना शुरू कर देती है। चोरी के समय कमरे में ब्लिंकर लाइट जलने से गैंगस्टर के गुर्गे डर गए थे। ऐसे में वह मौके पर ही रुपयों से भरा एक बैग भी छोड़कर भाग गए थे। दूसरी ओर गैंगस्टर की ओर से खुलासे के बाद रखी हुई रकम की सुरक्षा पर भी सवाल खड़ा हो गया है। यह लाइट जली तो सुरक्षा सिस्टम को कैसे पता नहीं चल पाया।
दोस्तों के पास छिपाई थी राशि, ठिकानों पर छापा
खेड़कीदौला थाना क्षेत्र से एक फ्लैट में करोड़ों की हुई चोरी के मामले में गिरफ्तार मास्टर माइंड गैंगस्टर विकास लगरपुरिया की सात दिन की पुलिस रिमांड पर है। एसटीएफ की पूछताछ में यह पता चला है कि चोरी की रकम को उसने अपने दोस्तों के पास छुपाया था। इसमें उसने चार दोस्तों के नाम बताए हैं। रोहतक के रहने वाला एक व्यक्ति आरोपी का रिश्तेदार है। जिनके ठिकानों पर एसटीएफ रोहतक व हिसार में छापामारी कर रही है। पैसा वह विदेश ले जा पाने में नाकाम रहा था। उसने जिन लोगों क नाम बताया है कि उनके ठिकानों पर छापामारी चल रही है।
बताया जा रहा है कि एसटीएफ को रिकवरी को लेकर बड़ी कामयाबी मिली है। जिसका खुलासा एसटीएफ गैंगस्टर की पुलिस रिमांड पूरी होने पर करेगी। आरोपियों की ओर से जमीन या अन्य किसी जगह किए गए संभावित निवेश को भी खंगाला जा रहा है। एसटीएफ की ओर से बरामदगी व निशानदेही या कबूलनामे की जानकारी पुलिस रिमांड के दौरान की जाएगी। जानकारों की माने तो गैंगस्टर से पूछताछ पूरी हो चुकी है। उसके आगे रिमांड की आवश्यकता नहीं है।
आवाज जांच के लिए एसटीएफ करेगी आवेदन
एसटीएफ गैंगस्टर को लेकर बहुत ज्यादा सतर्क है। गैंगस्टर की आवाज को टेस्ट कराने के लिए मधुबन जाना है। एसटीएफ अपनी रिमांड के दौरान यह समय नहीं खर्च करना चाहती है। जिस दिन उसकी पुलिस रिमांड पूरी होगी उसी दिन एसटीएफ की ओर से अदालत में इसके लिए आवेदन लगाया जाएगा। उसके बाद जेल से उसे मधुबन ले जा कर उसका सैंपल लिया जाएगा।