नगीना। जिले में जन्म प्रमाणपत्र, वोटर आईडी कार्ड व आधार कार्ड सहित अन्य दस्तावेजों में छेड़छाड़ कर फर्जी तरीके से वृद्धावस पेंशन लेने वालों की जिला प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है। इस मामले में शामिल अधिकारियों पर भी गाज गिरने की संभावनाएं जताई जा रही है। जिला उपायुक्त की शिकायत के आधार पर फर्जी तरीके से पेंशन लेने वाली महिला पर केस दर्ज होने के बाद विभागीय अधिकारियों में हड़कंप मचा है।
बता दें, जरीना पत्नी आस मोहम्मद निवासी सालाहेड़ी की जन्मतिथि बदलकर फर्जी तरह से पेंशन बना दी गई। हालांकि जांच के बाद महिला की पेंशन को बंद कर दिया गया है।
आरोप, पेंशन बनाने के लिए वसूली जाती है मोटी रकम
नगीना खंड सहित जिले भर में दर्जनों गांव ऐसे हैं जिनमें जन्मतिथि के साथ छेड़छाड़ कर सैकड़ों लोगों की फर्जी वृद्धावस्था पेंशन बना दी गई है। आरोप है कि फर्जी पेंशन बनाने के एवज में विभाग के अधिकारियों की ओर से मोटी रकम वसूली जाती है। गहनता से जांच की जाए तो पेंशन के नाम पर किए गए फर्जीवाड़े का बड़े पैमाने पर खुलासा हो सकता है। इस मामले में जिला समाज कल्याण अधिकारी शराफत ने कहा कि मामले में कार्रवाई चल रही है। फर्जीवाड़े में जो भी शामिल होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
फर्जीवाड़े में शामिल अधिकारियों पर भी होगी कार्रवाई
जिला उपायुक्त ने पुलिस को सौंपी रिपोर्ट में कहा है कि इस षड्यंत्र में शामिल उन सभी अधिकारियों पर भी कार्रवाई की जाए, जिन्होंने जरीना की जन्मतिथि में बदलाव किया है। क्योंकि बिना अधिकारियों के मिलीभगत के जन्मतिथि में बदलाव नहीं किया जा सकता।