सेक्टर-47 स्थित आशियाना फ्लैट्स की बदतर हालत।
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गुरुग्राम। सेक्टर-47 में पांच साल पहले बने आशियाना फ्लैट्स की स्थिति आज खंडहर के समान हो गई है। फ्लैटों के आसपास ही नहीं बल्कि इनकी दीवार व छतों पर भी पौधे उगे हुए हैं। लगभग सभी के खिड़की-दरवाजे टूटे हैं, दीवारों में दरार आ गई हैं। इन फ्लैटों का समय से आवंटन हो गया होता तो आज यह आबाद होते। मकानों के लिए भटक रहे बीपीएल कार्ड धारक परिवारों को आशियाना मिल गया होता। रविवार को यहां आए मुख्यमंत्री एक माह में इमारत को ठीक करा फिर से आवंटन के निर्देश देकर चले गए, लेकिन यहां की दशा को देख यह काम एक माह के भीतर हो पाना असंभव लग रहा है।
हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) ने सेक्टर-47 में दिल्ली पब्लिक स्कूल के पास 2016 में बीपीएल कार्ड धारक और ईडब्लयूएस परिवारों के लिए 1088 फ्लैट बनाए थे। इनके लिए 1570 परिवारों ने आवेदन किया था, लेकिन अधिकारियों की लापरवाही के चलते इनका चार साल में आवंटन नहीं हो सका। धीरे-धीरे यह फ्लैट खंडहर में बदल गए। सभी जंगली पेड़-पौधों से घिरे हुए हैं। फ्लैट्स की छत, दीवार व फर्श पर भी पौधे उग आए हैं। चार साल के भीतर यहां एक बार भी साफ-सफाई या रखरखाव का काम नहीं किया गया। अब फ्लैटों की स्थिति इतनी खराब है कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार एक माह के भीतर इनको दोबारा से आवंटित करना असंभव सा लग रहा है।
निर्देश तो पहले भी मिले, कार्रवाई क्यों नहीं
फ्लैटों को ठीक कराने से लेकर इनके आवंटन के लिए मुख्यमंत्री से लेकर एचएसवीपी के पंचकुला में बैठे अधिकारी पहले भी निर्देश दे चुके हैैं, ऐेसे में सवाल यह है कि अब तक इनका आवंटन नहीं हुआ तो जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई। फ्लैटों को बनाने में विभाग के करोड़ों रुपये खर्च हुए हैं, अब इनका आवंटन न होने से भी विभाग लगातार नुकसान उठा रहा है।
वहीं, बीपीएल कार्ड धारक व ईडब्लयूएस परिवार आज भी अपने आशियाने के लिए भटक रहे हैं। एक कमरा, एक ड्राइंग रूम और एक टॉयलेट वाले यह फ्लैट लोगों को साढ़े तीन लाख से चार लाख में दिए जाने हैं। शहर में इस तरह के फ्लैट 20 लाख से अधिक में मिलते हैं।