हिंसा के दौरान दुकान में आग लगाने के मामले में दो आरोपियों को पहले ही मिल चुकी है जमानत
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। पुलिस जांच में लापरवाही के कारण ही हिंसा के एक ओर आरोपी को कोर्ट से जमानत मिल गई। इस मामले के दो आरोपियों को कुछ दिन पूर्व ही कोर्ट ने जमानत पर रिहा कर दिया था। इस प्रकरण में पुलिस के जांच अधिकारी तीनों आरोपियों का हिंसा से कोई लिंक नहीं जोड़ पाए। ऐसे में अदालत ने आरोपी अभिजीत को 50 हजार रुपये के मुचलके पर जमानत दी है। यह आदेश अतिरिक्त सत्र एवं न्यायाधीश सुनील कुमार दीवान दिया है।
मामला नूंह बवाल के बाद शहर में हुई हिंसा में बादशाहपुर अड्डे पर कबाड़ी की दुकान में आग लगाने से संबंधित है। आरोपी के खिलाफ बादशाहपुर निवासी रविंद्र ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनके टिकली रोड के प्लॉट में वर्ग विशेष के लोग रहते है। एक अगस्त की रात करीब 10 कुछ युवक आए और दुकानों में आग लगा दी। आरोप है कि भीड़ ने दुकान में आग लगाई है, लेकिन आरोपी को किसी ने नहीं पहचाना। इसके साथ ही आरोपी का नाम भी एफआईआर में नहीं है।
सुनवाई के दौरान जांच अधिकारी अदालत में कुछ भी ऐसा पेश नहीं कर सके, जिससे आरोपी की अपराध में संलिप्तता पाई गई हो। आरोपी पांच अगस्त से जेल में है। इस मामले में आरोपी श्रवण व राजेश यादव को अदालत से पहले ही जमानत मिल चुकी है। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने आरोपी को जमानत दे दी।