2017 में पालम विहार में लूट की वारदात के दौरान किया था अपहरण
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। करीब छह साल पहले पालम विहार थाना क्षेत्र में युवक का अपहरण करने के मामले में कोर्ट ने तीन आरोपियों को बरी कर दिया है। मामले की सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता आरोपियों को पहचान नहीं पाया। सबूत के अभाव में कोर्ट ने आरोपियों को बरी कर दिया। यह आदेश अतिरिक्त सत्र एवं न्यायाधीश रूपम की अदालत ने दिया है।
न्यू पालम विहार निवासी मुकेश कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि वह 22 अप्रैल 2017 को काम खत्म करके मोटरसाइकिल से घर की तरफ जा रहा था। इसी दौरान अमित दलाल ने अपने आठ साथियों के साथ मिलकर उसका रास्ता रोक लिया और उसकी मोटर साइकिल की चाबी छीन ली। इसके बाद वह उसके पर्स और मोबाइल छीनने लगे तो पीड़ित ने विरोध कर दिया। पीड़ित के विरोध करने पर आरोपी उसे अपनी गाड़ी में बैठाकर एक फार्म हाउस पर ले गए।
वहां उन्होंने उसके साथ मारपीट की। फार्म हाउस पर वह उसे नाले में फेंकने की बात करने लगे। मैंने किसी तरह वहां से भागकर अपनी जान बचाई। पालम विहार थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर अमित, नीरज व अंकित को गिरफ्तार कर लिया था। अदालत में सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता ने अपने बयान बदलते हुए कहा कि घटना वाले दिन वहां पर कुछ युवक बहस कर रहे थे। जब उसने बीच बचाव किया तो उसका मोबाइल और पर्स गिर गया था। इसके साथ ही वह आरोपियों को पहचान नहीं सका। अभियोजन पक्ष आरोपियों पर आरोप साबित नहीं कर सका। इसके चलते अदालत ने तीनों आरोपियों को बरी कर दिया।