चार एफआईआर के नामजदों के साथ कांग्रेस विधायक मामन खान के तार खंगाले जा रहे हैं। एफआईआर में नामजद सभी आरोपी कांग्रेसी विधायक के करीबी बताए जाते हैं। नूंह हिंसा की चार एफआईआर में अभी तक विधायक को गिरफ्तार किया गया है।
फिरोजपुर झिरका से कांग्रेस के विधायक मामन खान को पुलिस अभी तक चार मामलों में गिरफ्तार कर चुकी है। इन चार मामलों में पुलिस आरोपी को कोर्ट से दो बार में चार दिनों के रिमांड पर ले चुकी है। जिन चार मामलों में विधायक को आरोपी बनाया गया है, उनमें पहले मामन खान का नाम नहीं था।
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जांच के बाद पुलिस ने इन एफआईआर में मामन खान का नाम शामिल किया है। पुलिस का कहना है कि इन एफआईआर में नामजद ज्यादातर आरोपी विधायक के ही करीबी हैं। इन आरोपियों से पूछताछ के बाद ही नगीना के बड़कली चौक के पास हुई हिंसा में विधायक की संलिप्तता सामने आई है।
पूछताछ में इन आरोपियों ने बताया है कि जलाभिषेक यात्रा से एक-दो दिन पहले से ही विधायक उनके संपर्क में था। हिंसा के दौरान भी मोबाइल और सोशल मीडिया के माध्यम से लगातार उनसे संपर्क में था। पुलिस इन गिरफ्तार आरोपियों और विधायक के बीच जुड़े कनेक्शन का पता लगा रही है। इसी कारण पुलिस दो बार अलग-अलग मामलों में आरोपी विधायक को रिमांड पर ले चुकी है।
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विधायक के रिमांड पेपर पर भी किया था छह एफआईआर का जिक्र
एफआईआर संख्या-149 में पहली बार पुलिस ने विधायक मामन खान का नाम शामिल करते हुए उसे गिरफ्तार किया था। इसी मामले में कोर्ट से मामन खान को पूछताछ के लिए रिमांड मांगने के दौरान पुलिस ने छह और एफआईआर का जिक्र रिमांड पेपर पर किया था।
मामन खान के वकील एवं नूंह बार एसोसिएशन के पूर्व प्रधान ताहिर हुसैन रूपडिया ने भी उसी दिन आशंका जताई थी कि उनके मुव्वकिल का नाम पुलिस अन्य मामलों में भी दर्ज कर सकती है। इसके अगले दिन ही 17 सितंबर को पुलिस ने मामन का नाम तीन अन्य एफआईआर में शामिल करते हुए उसे फिर से दो दिनों के रिमांड पर ले लिया था।
इन छह एफआईआर में 42 नामजद, ज्यादातर विधायक के करीबी
इन छह एफआईआर में अभी तक करीब 42 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार किए गए कई आरोपी इन छह एफआईआर में भी अलग-अलग आरोपी बनाए गए हैं। गिरफ्तार आरोपियों के नाम इस प्रकार हैं।
नूंह हिंसा में अब 60 एफआईआर, 330 लोग गिरफ्तार
नूंह हिंसा की घटना में पुलिस द्वारा अब तक कुल 60 एफआईआर दर्ज की गई हैं। इनमें 330 लोगों की गिरफ्तारी हुई है। इसके अलावा हिंसा के दौरान सोशल मीडिया पर भ्रामक व भड़काऊ प्रचार करने वालों के खिलाफ 11 एफआईआर दर्ज की गई हैं।
इनमें भी पांच लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि बाकी छह की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि कुछ यू ट्यूब व टेलीग्राम चैनल सीमा पार यानी पाकिस्तान से भी भ्रामक व भड़काऊ प्रचार कर रहे थे। इन सभी तथ्यों की गहराई से जांच की जा रही है।