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अब अनाथ बच्चों को गोद ले सकेंगे

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गुरुग्राम। अनाथ बच्चों को सहारा देने वाले लोगों को अब उदास नहीं होना पड़ेगा। इसके लिए जिला प्रशासन की सिफारिश को शासन ने मंजूरी दे दी है। जिले में दत्तक ग्रहण एजेंसी खोलने के लिए जिला प्रशासन के प्रस्ताव को स्वीकृति मिल गई है। इसके खुलने के बाद अब जिलावासियों को बच्चा गोद लेने के लिए किसी अन्य शहर में जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। सोमवार को हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद की उपाध्यक्ष पारिशा शर्मा सेक्टर चार स्थित ओल्ड ऐज होम में पहली दत्तक ग्रहण एजेंसी का शुभारंभ करेंगी। जिला उपायुक्त डॉ यश गर्ग ने बताया कि लावारिस हालत में मिलने वाले बच्चों के स्वजनों का पता न चलने पर उनको गोद देने की प्रक्रिया अमल में लाई जाती है, ताकि उनका लालन-पालन हो सके। नि:संतान दंपतियों को भी संतान सुख की प्राप्ति हो सके। इसके लिए लंबी कानूनी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है, जिसमें दत्तक ग्रहण एजेंसी का भी महत्वपूर्ण रोल होता है। इस एजेंसी के खुलने से अनाथ बच्चों को गोद लेने में काफी सहूलियत होगी।
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कारा करती है निगरानी
गुरुग्राम। केंद्र सरकार ने बच्चा गोद लेने के लिए सेंट्रल एडाप्शन रिसोर्स अॅथारिटी (कारा) गठित की है। संस्था महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के अंतर्गत काम करती है। बच्चा गोद लेने के लिए कारा की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन करना होता है। कारा बेसहारा बच्चों को गोद दिलाने की निगरानी करती है।
कुछ शर्तें दंपती पर लागू हैं
गुरुग्राम। जिला बाल कल्याण अधिकारी वीरेंद्र यादव ने बताया कि गोद लेने वाले दंपती के लिए भी कुछ शर्तें हैं। जिसमें दंपती का शारीरिक, मानसिक, भावनात्मक एवं आर्थिक दृष्टि से सक्षम होना जरूरी है। उनको कोई गंभीर बीमारी नहीं होनी चाहिए। इसके लिए दंपती को अपने-अपने मेडिकल प्रमाण पत्र जमा कराने होंगे। आयकर रिटर्न प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण-पत्र, आधार कार्ड, मतदाता परिचय पत्र, पासपोर्ट, बिजली या टेलीफोन का नवीनतम बिल होना जरूरी है। गोद लेने वाले दंपती की आपसी सहमति जरूरी है। एकल महिला किसी भी लिंग के बच्चे को गोद ले सकती है, वहीं एकल पुरुष सिर्फ लड़के को ही गोद ले सकता है। इच्छुक परिवार की मौजूदा तस्वीर, बच्चे गोद लेने वाले का पैन कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र जरूरी है। यदि शादीशुदा हैं तो विवाह प्रमाण पत्र, तलाकशुदा है तो उसका प्रमाण पत्र।
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