डीएसपी कार्यालय के सामने पहुंचे मौलवी और मुख्य आरोपी।
- किशोरी का धर्म परिवर्तन करा निकाह का मामला, दोनों पक्ष के बयान दर्ज
संवाद न्यूज एजेंसी
तावड़ू। सदर थाना क्षेत्र में 17 वर्षीय किशोरी का धर्म परिवर्तन कराके निकाह के मामले में पुलिस को पता चला है कि निकाहनामा और लिव-इन सर्टिफिकेट फर्जी हैं। इसे बिहार के पटना में बनवाया गया था। वहीं, मामले में आरोपी मौलवी रईसउद्दीन और तारिक की गिरफ्तारी के बाद डीएसपी कार्यालय में दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए गए।
पीड़ित पक्ष ने पुलिस को बताया कि मुख्य आरोपी तारिक 20 अगस्त को किशोरी को पटना लेकर गया था। वहां उसने खुद शादी करने की साजिश रची। इसके लिए पड़ोसी गांव के मौलवी रईसउद्दीन से फर्जी निकाहनामा तैयार कराया। आरोप है कि इस दौरान किशोरी से धार्मिक प्रक्रिया भी कराई गई। पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि आरोपी ने किशोरी को बालिग दिखाने के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार किए और इन्हीं कागजात के आधार पर कोर्ट से लिव-इन रिलेशनशिप सर्टिफिकेट भी बनवाया। इसके बाद 2 सितंबर को तारिक पीड़िता को भिवाड़ी (राजस्थान) ले गया। जहां चोपानकी के नजदीक की कॉलोनी में किराये का मकान लेकर दोनों पति-पत्नी बनकर करीब 20 दिन तक रहे। इस दौरान आरोपी ने मकान मालिक को आधार कार्ड दिखाकर खुद को दंपती बताया। परिजनों ने जब पुलिस को शिकायत दी तो कॉल डिटेल के आधार पर लोकेशन का पता लगाया गया। फिर 26 सितंबर को पुलिस ने भिवाड़ी से दोनों को खोज निकाला। पूछताछ में निकाह कराने वाले मौलवी रईसउद्दीन की भूमिका भी सामने आई। उसे भी गिरफ्तार किया गया।
वर्जन
दोनों आरोपियों को कोर्ट ने दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा है। फर्जी दस्तावेज बनाने और षड्यंत्र में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है।
अभिमन्यु लोहान, डीएसपी