अपराध शाखा की ब्रांच में कुंडली मारकर बैठने वालों पर भी अधिकारियों की नजर
मयंक तिवारी
गुरुग्राम। काम में लापरवाही और भ्रष्टाचार के आरोपी पुलिस इंस्पेक्टर पुलिस आयुक्त के निशाने पर हैं। कमिश्नरेट के थाने और अपराध शाखा के प्रकोष्ठों में कुंडली मारकर बैठे पुलिस अधिकारियों को जल्द ही बदला जाएगा। बेहतर काम करने वाले पुलिस इंस्पेक्टर चाहे वह ट्रैफिक या अन्य स्थानों पर तैनात हों उनको मुख्य धारा में लाया जाएगा। पुलिस आयुक्त की ओर से एक-एक पुलिस अधिकारी की कार्यशैली पर नजर है।
पुलिस आयुक्त कला रामचन्द्रन ने अब तक 10 इंस्पेक्टरों को बदल दिया है। इसमें ऐसे थाना प्रभारी भी शामिल हैं जो फरीदाबाद से आने के बाद कमिश्नरी में थाना प्रभारी ही बने रहते थे। उनको अब पुलिस लाइन में तैनात किया गया है। आर्थिक अपराध शाखा से लेकर थाना प्रभारियों का फेरबदल चल रहा है। पुलिस आयुक्त के पास जिस तरह से शिकायतें पहुंचती हैं, उसी तरह से उन पर कार्रवाई हो रही है।
अपराध शाखा में तैनात पुलिस अधिकारियों की कार्यशैली पर नजर
पुलिस आयुक्त की ओर से यह देखा जा रहा है कि किस शाखा में तैनात इंस्पेक्टर कितने दिन से हैं। सीआईए के एक प्रभारी का कक्ष तो डीसीपी के कक्ष से ज्यादा खूबसूरत दिखता है। वहां पर लगे टीवी व कुर्सी की कीमत का अंदाजा भी नहीं लगाया जा सकता है। पुलिस इंस्पेक्टर की घड़ी, चश्मे, जूते की कीमत चर्चा का विषय बना हुआ है। सीआईए ब्रांच में तैनात अन्य पुलिस अधिकारियों ने तो क्लब व पब में पैसा लगा रखा है। पुलिस आयुक्त की ओर से अब इनकेे आउटपुट की माॅनिटरिंग की जा रही है। किसकी ओर से कितने मामले का निपटारा हुआ है, वह अपने क्षेत्र में होने वाले अपराध पर किस तरह से अंकुश रख पाते हैं।
ग्वाल पहाड़ी जैसी घटना का जिम्मेवार उसका अधिकारी होगा
पुलिस आयुक्त की ओर से दिए निर्देश में कहा गया है कि भ्रष्टाचार को वह कतई नहीं बर्दाश्त करेंगी। अगर किसी थाना, चौकी या अन्य स्थान पर ग्वाल पहाड़ी जैसी घटना होती है तो उसका जिम्मेदार उस क्षेत्र का वरिष्ठ अधिकारी होगा। वह यह तय करेंगी कि उसके क्षेत्र में तैनात लोग काम कैसे करें।
संयुक्त आयुक्त के रीडर का तबादला चर्चा का विषय बना
पुलिस आयुक्त ने हाल ही में संयुक्त पुलिस आयुक्त के रीडर का तबादला कर दिया है। जब कमिश्नरेट में संयुक्त पुलिस आयुक्त ही नहीं है तो उनके रीडर का क्या काम। उसका तबादला पहले सिटी थाने में किया गया। बाद में पुलिस आयुक्त के पास पेश होकर उसने अपना तबादला कहीं और कराया। कई पुलिस आयुक्तों के समय उस रीडर की तूती बोलती थी। उसी को अब पुलिस आयुक्त से मिलने के लिए तय दिन के हिसाब से पेश होना पड़ा।
कमिश्नरेट में तैनात पुलिस अधिकारियों की कार्यशैली को देखा जा रहा है। बेहतर काम करने वालों को कार्य का मौका दिया जाएगा। इनका तबादला एक रूटीन प्रक्रिया है।
- कला रामचन्द्रन, पुलिस आयुक्त, गुरुग्राम