-आईडी बनने के बाद स्थानांतरण व चरित्र प्रमाण पत्र लेने के नहीं काटने पड़ेंगे चक्कर
-गुरुग्राम में लगभग तीन लाख विद्यार्थियों की बनाई जाएगी नेशनल आईडी
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। शिक्षा विभाग द्वारा विद्यार्थियों की नेशनल आईडी बनाई जा रही है। यह आईडी सरकारी व निजी स्कूलों के साथ ही मदरसों व गुरुकुलों आदि संस्थाओं में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की भी बनाई जाएंगी। आईडी बनने के बाद विद्यार्थियों को स्कूल बदलने के लिए स्थानांतरण और चरित्र प्रमाण पत्र लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इस आईडी के माध्यम से एक क्लिक में ही विद्यार्थी की संपूर्ण जानकारी स्कूल प्रबंधन देख सकेंगे।
गुरुग्राम के सरकारी व निजी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के अभिभावकों को नेशनल आईडी के बारे में जानकारी दी जा रही है। गुरुग्राम के 578 सरकारी स्कूलों और निजी स्कूलों के लगभग तीन लाख विद्यार्थियों की आईडी बनाई जानी है। नेशनल आईडी से विद्यार्थी की पूरी शैक्षिक योग्यता, स्कूल आदि का ब्योरा एक क्लिक पर सामने होगा। दूसरे स्कूलों में दाखिला लेने के दौरान स्थानांतरण व चरित्र प्रमाणपत्र संबंधी कोई झूठी जानकारी नहीं दे पाएगा। आईडी बनने के बाद स्कूल छोड़ने पर विद्यार्थी व उनके अभिभावकों को भी चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
इसके जरिये एक राज्य से दूसरे राज्य में जाने पर इस आईडी के माध्यम से प्रवेश लेना आसान हो जाएगा क्योंकि पहले यह आईडी सिर्फ राज्य स्तर पर बनाई गई थी। अब इस आईडी का विस्तार कर इसे राष्ट्रीय स्तर पर कर दिया गया है। आईडी से विद्यार्थियों तक पहुंचने वाली योजनाओं का उन्हें सीधा लाभ मिल पाएगा। स्कूल छोड़ने वाले विद्यार्थियों की ट्रैकिंग करने के साथ सरकारी योजनाओं के लाभ मिल रहा है या नहीं इसकी भी जानकारी मिल सकेगी।
नेशनल आईडी में होगी ये जानकारी:
नेशनल आईडी में विद्यार्थी का नाम, माता व पिता का नाम, जन्मतिथि व स्थान, कक्षा, स्कूल का नाम, फोन नंबर व जाति की जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा बच्चे को किस योजना का फायदा मिल रहा है। योजना के अलावा और क्या फायदा ले रहा है, इसके बारे में भी जानकारी होगी। इस आईडी में विद्यार्थियों के सभी प्रमाणपत्र, स्थानांतरण व चरित्र प्रमाणपत्र आदि अपडेट किए जाएंगे।
वर्जन
सरकारी व निजी स्कूलों में पढ़ने वाले सभी विद्यार्थियों की नेशनल आईडी बनाई जाएगी। विद्यार्थियों के अभिभावकों को इस बारे में जानकारी दी जा रही है, ताकि वे अपने बच्चों के दस्तावेज में कमियों को दूर करवा सकें। एक बार नेशनल आईडी बनने के बाद दोबारा से जानकारी अपडेट कराने में परेशानी होगी।
- सरोज दहिया, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, गुरुग्राम।