नगर निगम द्वारा सड़काें व पेड़ों पर किया जा रहा है पानी का छिड़काव, कड़े प्रतिबंध किए गए हैं लागू
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। नगर निगम गुरुग्राम (एमसीजी) द्वारा धूल को उड़ने से रोकने और प्रदूषण स्तर को कम करने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। एमसीजी द्वारा सड़काें व पेड़ों पर पानी का छिड़काव किया जा रहा है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग द्वारा ग्रेडिड रेस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) का चौथा चरण लागू किया हुआ है। ऐसे में नगर निगम द्वारा नियम तोड़ने वालों के चालान भी किए किए जा रहे हैं। अब तक 151 उल्लंघनकर्ताओं पर 15.33 लाख रुपये जुर्माना वसूला है।
एमसीजी की पर्यावरण एवं स्थिरता विंग के नोडल अधिकारी संयुक्त आयुक्त डाॅ. नरेश कुमार ने बताया कि हमारा प्रयास है कि गुरुग्राम में प्रदूषण को कम किया जाए। इसके लिए सड़कों व पेड़ों पर छिड़काव किया जा रहा है। दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में ग्रैप का चौथा चरण लागू किया हुआ है और कड़े प्रतिबंध लागू कर दिए गए हैं। नियम के तहत सभी प्रकार की निर्माण व तोड़फोड़ की गतिविधियां बैन कर दी गई हैं। निर्माण सामग्री पर नियमित पानी का छिड़काव करने के साथ ही उसे कवर रखना अनिवार्य है।
संयुक्त आयुक्त डाॅ. नरेश कुमार ने कहा कि अगर कोई व्यक्ति प्रतिबंध के बावजूद भी किसी प्रकार की निर्माण गतिविधि करता है, तो उसका नियमानुसार चालान किया जा रहा है। इसके अलावा, कचरा व मलबा डंपिंग, कचरे में आग लगाना आदि भी पूरी तरह से प्रतिबंधित है। उन्होंने नागरिकों से आह्वान किया कि वे ग्रैप के नियमों का पालन करें।
निर्माण गतिविधियों के मामले में 60 चालान
नगर निगम द्वारा ग्रैप के तहत अब तक 151 उल्लंघनकर्ताओं पर 15.33 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इनमें कचरा डंपिंग के मामले में 37 चालान, कचरा जलाने के मामले में पांच चालान, सीएंडडी वेस्ट व निर्माण सामग्री के मामले में 16 चालान, निर्माण गतिविधियों के मामले में 60 चालान, ठोस कचरा प्रबंधन नियमों की अवहेलना के मामले में 18 चालान और प्रतिबंध के बावजूद निर्माण के मामले में 15 चालान शामिल हैं।
शोधित पानी से किया जा रहा छिड़काव
नगर निगम गुरुग्राम और दमकल विभाग द्वारा पर्यावरण प्रदूषण के स्तर को नियंत्रित करने के लिए सड़कों व पेड़ों पर पानी का छिड़काव किया जा रहा है। नगर निगम के 40 टैंकर अलग-अलग क्षेत्रों में सीवरेज ट्रीटमैंट प्लांट से शोधित पानी का छिड़काव कर रहे हैं। इसके साथ ही सुबह 3 बजे से सुबह 7 बजे तक 10 दमकल वाहन अपने-अपने क्षेत्रों में पानी का छिड़काव कर रहे हैं। सड़कों की सफाई मैकेनिकल माध्यम से सुनिश्चित की जा रही है, ताकि धूल को उड़ने से रोका जा सके।