-सोहना और बादशाहपुर विस से पूर्व विधायकों का टिकट, गुरुग्राम विस से नया चेहरा
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। जिले की चार विधानसभा सीटों में से भाजपा ने तीन सीटों पर बुधवार देर शाम अपने उम्मीदवारों के नामों की घोषणा कर दी है। इसमें गुरुग्राम सीट के वर्तमान विधायक और सोहना से राज्य मंत्री का टिकट काट दिया है। पार्टी ने बादशाहपुर और सोहना सीट पर पूर्व विधायकों पर भरोसा जताया है। वहीं, गुरुग्राम सीट पर नए चेहरे को उतारा है।
विधानसभा चुनाव को लेकर पांच सितंबर से नामांकन शुरू होने जा रहा है। ऐसे में बुधवार को भाजपा ने अपनी पहली सूची जारी कर दी है। इसमें गुरुग्राम सीट से मुकेश शर्मा, बादशाहपुर सीट से राव नरबीर सिंह और सोहना से तेजपाल तंवर को टिकट मिली है। इसमें साल 2014 में सोहना से तेजपाल और बादशाहपुर से राव नरबीर की टिकट काट दी गई थी और नए चेहरों को लाया गया था। इस पर भाजपा ने पूर्व विधायकों को दोबारा तरजीह दी है। बीजेपी ने साल 2019 में चुनाव लड़े या जीते प्रत्याशियों को दोबारा मौका नहीं दिया है। पार्टी ने टिकट देते समय जाति समीकरणों का ध्यान भी रखा है। भाजपा की सूची जारी होते ही प्रत्याशियों के घरों पर समर्थकों की भीड़ लग गई और आतिशबाजी शुरू हो गई। हालांकि अभी पटौदी सीट से उम्मीदवार की घोषणा नहीं हुई है।
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बादशाहपुर से राव नरबीर सिंह
साल 2014 में पूर्व सीएम मनोहर लाल मंत्रिमंडल में मंत्री रहे राव नरबीर सिंह यादव को इस बार बादशाहपुर विधानसभा सीट पर बीजेपी ने प्रत्याशी बनाया है। राम नरबीर सिंह, मोहर सिंह यादव के पोते हैं जो 1942 में भारत और पाकिस्तान के विभाजन से पहले पंजाब राज्य में एमएलसी थे। उनके पिता महावीर सिंह यादव भी हरियाणा में कैबिनेट मंत्री थे। राव नरबीर साल 1987 में जटूसाना और 1996 में सोहना से विधानसभा चुनाव जीता था। 1987 में राज्य गृह मंत्री और 1996 में हरियाणा सरकार में परिवहन, खाद्य एवं आपूर्ति और सहकारिता मंत्री का पद संभाला था। 26 वर्ष की आयु में राज्य गृह मंत्रालय का पद संभालने वाले देश के सबसे युवा निर्वाचित प्रतिनिधि बने थे। साल 2009 में गुड़गांव से लोकसभा चुनाव लड़ा, लेकिन हार गए थे। साल 2014 में बादशाहपुर से बीजेपी से चुनाव जीते थे और मंत्री बने थे। साल 2019 में बीजेपी ने उनका टिकट नहीं दिया था। बादशाहपुर से यादव को उतारा है।
मंत्री का टिकट काट, पूर्व विधायक तेजपाल तंवर को टिकट
तेजपाल तंवर सोहना विस सीट पर साल 2014 में विधायक चुने गए थे। उन्होंने आईएनएलडी के किशोर यादव को 24547 मतों के भारी अंतर से हराया था। तेजपाल तंवर गांव रामगढ़ के रहने वाले हैं। वह बीजेपी के गुरुग्राम के जिलाध्यक्ष भी रहे हैं। पहली बार विधानसभा चुनाव में 2014 उतरे थे। गुर्जर समुदाय से आगे आए तेजपाल तंवर को समुदाय के सहयोग के साथ ही मोदी लहर का भी फायदा मिला था। सातल 2019 में उनका टिकट काट दिया गया था। उनकी जगह पर संजय सिंह को टिकट मिला और जीते। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के मंत्रिमंडल के विस्तार के दौरान संजय सिंह को राज्य मंत्री पद मिला है। भाजपा ने उनका टिकट काट दिया है और पूर्व विधायक को उम्मीदवार बनाया है। सोहना सीट से गुर्जर को उतारा गया है।
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मुकेश शर्मा, पहलवान-
डूंडाहेड़ा गांव निवासी मुकेश शर्मा का जन्म एक किसान परिवार में हुआ था। उनके पिताजी करीब 25 वर्षो तक डूंडाहेड़ा ग्राम पंचायत के पंच, सरपंच, ब्लॉक समिति सदस्य रहे। मुकेश ने शिक्षा ग्रहण करने के दौरान कुश्ती के खिलाड़ी रहे। मुकेश शर्मा गुरुग्राम विस सीट से उम्मीदवार बनाया है। इस सीट पर भाजपा ने विधायक सुधीर सिंगला का टिकट काट दिया है और ब्राह्मण चेहरे को टिकट दिया है। मुकेश पहलवान बीजेपी से टिकट मिले बिना ही कॉलोनियों और सेक्टरों में अपना चुनाव कार्यालय खोले हुए हैं।