गुरुग्राम। शहर में जुमे की नमाज के विरोध के बीच शुक्रवार को सेक्टर-37 स्थित चिह्नित स्थल पर सबसे बड़ा विवाद उभरकर सामने आया। सुबह से ही क्रिकेट खेल रहे गांव खांडसा के युवकों ने नमाजियों के लिए जगह को खाली करने से इंकार कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने युवकों को हटाया। इसके बाद एक घंटे की देरी से यहां नमाज हुई। नमाजियों का आरोप है कि पुलिस युवकों पर कार्रवाई करने के बजाय मामले को दबाने में लगी हुई है।
मुस्लिम एकता मंच के हाजी शहजाद ने बताया कि सेक्टर-37 में जहां ट्राला पार्क होते हैं। उसी जगह को जुमे की नमाज के वक्त खाली कर नमाज कराई जाती है। प्रशासन ने भी इस जगह को चिह्नित 20 स्थलों में जगह दी है। यहां एक हजार से ज्यादा लोग नमाज अदा करते हैं। शुक्रवार को जब दोपहर एक बजे नमाजी यहां पहुंचे तो पहले से ही क्रिकेट खेल रहे गांव खांडसा के युवकों ने हटने से मना कर दिया। इसके बाद नमाजियों ने मौके पर पुलिस बुलाई। करीब सवा दो बजे स्थल को खाली कराया जा सका। इसी के बाद यहां नमाज हुई। हाजी का कहना है कि पुलिस ने किसी नमाजी से दबाव बनाकर एक कागज पर यह लिखवा लिया है कि नमाज के लिए जगह को क्रिकेट खेल रहे लड़कों से एक बजे ही खाली करा लिया गया है। वहीं, बिना विवाद के ही शांतिपूर्ण तरीके से नमाज हुई है, जबकि यह सच नहीं है।
युवकों ने दी है धमकी
हाजी शहजाद का कहना है कि क्रिकेट खेल रहे युवक जगह से हटने के बाद यह धमकी देकर गए हैं कि वह अगली बार भी यहां नमाज नहीं होने देेंगे। इसका वीडियो भी उपलब्ध है। वहीं, पुलिस इस तरह के युवकों को कार्रवाई से बचाकर उनका हौसला बढ़ा रही है। युवक झूठा आरोप भी लगा रहे हैं कि नमाजी उनके साथ मारपीट करते हैं, जबकि नमाजी यहां सिर्फ शांति से नमाज पढ़ना चाहते हैं।