गुरुग्राम। मदर्स डे से दो दिन पहले एक मां की गोद सूनी हो गई। उसके 16 वर्षीय बेटे की पड़ोस में रह रहे एक किशोर ने चाकू मारकर हत्या कर दी। मृतक की पहचान सूरज (16) के रूप में हुई है। मामले की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया है। पुलिस हत्या का मामला दर्ज जांच में जुट गई है। साथ ही आरोपी किशोर को हिरासत में लेकर फरीदाबाद स्थित बाल सुधार गृह में भेज दिया गया है।
पुलिस को दी शिकायत में मृतक सूरज की मां सुनीता टोपो ने बताया है कि वह मूलरूप से झारखंड स्थित गुमला की निवासी है और गांव नरसिंह पुर में किराये के मकान में रहती है। पहले पति की मौत के बाद उत्तर प्रदेश स्थित बरेली निवासी एक व्यक्ति से शादी की है। उसके तीन बेटे व एक बेटी हैै। बड़ा बेटा सूरज बरेली स्थित गांव में खेतीबाड़ी में परिवार वालों का हाथ बंटाता था। वह 28 अप्रैल को गुरुग्राम स्थित नरसिंहपुर गांव आया था। सुनीता के अनुसार वह एक मई को अपनी बेटी के साथ बरेली एक रिश्तेदार की शादी में गई थी। सूरज अपने दोनों भाइयों के साथ नरसिंहपुर में ही था। चार मई को सूरज की मकान में पड़ोस के कमरे में किराए पर रह रहे एक किशोर से किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। इस दौरान पड़ोसी किशोर ने उसे चाकू मारकर घायल कर दिया।
स्थानीय लोगों ने फोन पर इसकी सूचना देने के साथ, सूरज को नजदीक के अस्पताल में भर्ती कराया, जहां से उसे दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल रेफर कर दिया गया। इलाज के बाद बृहस्पतिवार सुबह (पांच मई) अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। वह घर आ गया। तब तक सुनीता भी बरेली से अपने उक्त कमरे पर पहुंच गई। सुनीता ने बताया कि बृहस्पतिवार शाम को सूरज ने घर पर उससे पानी मांगा और पानी पीते ही बेहोश हो गया। उसे दोबारा नजदीक के अस्पताल में ले जाया गया, जहां चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया।
आरोपी भी है झारखंड का मूल निवासी
मृतक सूरज की मां सुनीता ने बताया कि आरोपी किशोर भी झारखंड स्थित गुमला का निवासी है। वह अपने परिजनों के साथ नरसिंहपुर गांव में अमर सिंह के मकान में किराए पर रहता था। वह भी परिवार के साथ उसी मकान में रहती है। एक गांव के होने के चलते आरोपी व उसके परिवार वालों का उसके कमरे में आना-जाना रहता था। इनमें दोस्ती थी। सुनीता के अनुसार उसके दोनों छोटे बेटे ने बताया कि सूरज जब आरोपी के कमरे में गया तो वह मजाक करने लगा और किसी बात पर हंसी उड़ाने लगा। इससे सूरज व उसकी कहासुनी हो गई और देखते ही देखते मारपीट होने लगी। जब तक आस पड़ोस के कमरे में रह रहे लोग कुछ समझ पाते, आरोपी ने सूरज के शरीर के कई हिस्सों पर चाकू गोद दिया।
किशोरावस्था में ही सूरज हो गया था जिम्मेदार
सुनीता ने बताया कि उसकी आर्थिक हालत काफी खराब है इसलिए वह बच्चों को पढ़ाने-लिखाने के लिए मजदूरी करती है। यह सूरज से नहीं देखा गया। आर्थिक हालत को सुधारने के लिए उसने अपने गांव में खेती-बाड़ी करने का फैसला लिया और गांव जाकर परिवार वालों को इसमें हाथ बंटाने लगा। सुनीता ने बताया कि 28 अप्रैल को जब वह गुरुग्राम उसके पास आया तो वह काफी खुश हुई। सूरज काफी समझदार था, गांव जाते समय उसने दोनों भाइयों का ख्याल रखने की बात बताई थी। यह नहीं पता था कि जैसे मैं गांव जाऊंगी, बड़ा बेटा हमेशा के लिए बिछड़ जाएगा। सूरज की कमी हमेशा खलेगी।