संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। जिला नागरिक अस्पताल मांड़ीखेड़ा में डिलीवरी के बाद महिलाओं को बेड ना मिलने के कारण एक ही बेड पर दो-दो महिलाओं को शिफ्ट करने का मामला सामने आया है। मरीजों के साथ आए तीमारदारों ने वीडियो सोशल मीडिया पर साझा करते हुए जिला प्रशासन पर सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि बेहतर सुविधाएं देने की बात करने वाले जिला नागरिक अस्पताल के स्टाफ की पोल खुल गई है। वायरल वीडियो में देखा गया है कि डिलीवरी के बाद एक ही बेड पर दो-दो जच्चा-बच्चा को लिटाया हुआ है। जिससे जच्चा और बच्चा को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। गर्मी के मौसम में जहां एक तरफ जच्चा-बच्चा को एक बेड मिलना चाहिए वहीं विभाग की लापरवाही के चलते एक बेड पर दो-दो जच्चा-बच्चा को शिफ्ट किया हुआ है।
अपनी बहू की डिलीवरी कराने आई हुई समीना ने बताया कि डिलीवरी के बाद दूसरे कमरे में शिफ्ट कर दिया गया है। खाली बेड ना मिलने के कारण पहले से ही फुल बेड पर उनकी बहू को लिटाया गया है। उन्होंने बताया कि कई-कई घंटे बीत जाने के बाद भी बेड खाली नहीं हो पाते हैं।
मरीज के साथ आए तीमारदारों ने जिला प्रशासन से मांग करते हुए कहा कि जिला नागरिक अस्पताल मांड़ीखेड़ा में अतिरिक्त बेड़ों की सुविधा मुहैया करवाई जाए।
सिविल सर्जन नूंह सर्वजीत थापर से मिली जानकारी के अनुसार अस्पताल में डिलीवरी रूम में 26 बेड की सुविधा है जिसे हालात के अनुसार घटाया और बढ़ाया जा सकता है। हर महीने करीब डेढ़ सौ से लेकर दो सौ महिलाओं की डिलीवरी करवाई जाती है। डिलीवरी करने आई हुई महिलाओं को किसी भी तरह की परेशानी ना हो इसका विशेष ध्यान रखा जाता है। किसी दिन ज्यादा डिलीवरी होती है और बेड कम होने के कारण महिलाओं को कुछ देर के लिए शिफ्ट कर दिया होगा। मामले की जांच करवाई जाएगी और मरीज को बेहतर सुविधा दी जाएगी।