फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Gurugram News: मामन ने रोड़ी-बदरपुर की सप्लाई से तय किया विधायकी तक का सफर

विज्ञापन
विज्ञापन
डीएलएफ कंपनी में नौकरी करके शुरू किया था अपना करियर
विज्ञापन

वक्फ बोर्ड में संपदा अधिकारी थे पिता


अमर उजाला ब्यूरो

गुरुग्राम। फिरोजपुर झिरका से विधायक मामन खां इंजीनियर कभी रोड़ी-बदरपुर की सप्लाई करता था। पिता के ऊंचे रसूख के कारण डीएलएफ कंपनी में नौकरी भी की। इसी दौरान रियल एस्टेट से जुडे़ लोगों के करीब आया और पैसा कमाता चला गया। राजनीति में आने के लिए सबसे पहले निर्दलीय चुनाव लड़ा, मगर हार गया। एक बार कांग्रेस के टिकट से भी हार का मुंह देखना पड़ा। कांग्रेस ने दूसरी बार भी उसी पर दाव लगाया तो वह विधानसभा तक पहुंच गया।
विज्ञापन

मूल रूप से फिरोजपुर झिरका के भादस गांव के रहने वाले मामन खा के पिता वक्फ बोर्ड में संपदा अधिकारी थे। उनके रसूख के चलते डीएलएफ कंपनी में मामन को नौकरी मिली। नौकरी पर रहने के दौरान पहली बार निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में विधानसभा चुनाव लड़ा था। जिस दौरान उसे अच्छे मत मिले थे। हालांकि यह चुनाव वह हार गया था। उसके मिलने वाले मतों की अच्छी खासी संख्या को देखकर कांग्रेस ने टिकट दिया था। जिसमें उसे हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद कांग्रेस ने फिर से मामन पर ही दाव लगाया। कांग्रेस में मामन खान अपनी गहरी पैठ बना चुका है। वह राबर्ट वाड्रा का भी काफी करीबी बताया जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें