- तीसरी मेरिट सूची जारी होने के बाद भी आईटीआई संस्थानों में 50 फीसदी से अधिक सीटें रिक्त
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) में दाखिले की संख्या बढ़ाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत संस्थान में तैनात शिक्षक, आशा वर्करों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता घर-घर जाकर आईटीआई में दाखिला लेने के लिए युवाओं को प्रेरित करेंगी। जिससे की ओपन काउंसलिंग में दाखिले को बढ़ाया जा सके। आईटीआई में तीसरी मेरिट सूची जारी होने के बाद भी संस्थानों में 50 फीसदी से अधिक हिस्से रिक्त हैं।
जिले के 11 आईटीआई संस्थानों के विभिन्न ट्रेड में करीब 2200 सीटें स्वीकृत हैं। तीसरे मेरिट सूची जारी होने के बावजूद करीब एक हजार से अधिक सीटें अब भी रिक्त हैं। संस्थान में कई ऐसे ट्रेड हैं, इनमें एक भी दाखिले नहीं हुए हैं। बताया जा रहा है कि एनआईटी पांच मुख्य आईटीआई में भी रिक्त सीटों पर दाखिले के लिए शिक्षकों को संघर्ष करना पड़ रहा है। मेरिट सूची में नाम आने वाले प्रत्येक विद्यार्थियों को दाखिले के लिए उनके पंजीकृत नंबर पर फोन संपर्क किया जा रहा है।
ओल्ड फरीदाबाद महिला आईटीआई की मुख्य शिक्षक संतोष कुमार ने बताया कि आशा वर्कर और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता लोगों के घर जाकर परिवार के सदस्यों से संवाद कर रही हैं। वे युवाओं को आईटीआई में दाखिला लेने के लिए प्रेरित कर रही हैं।
आईटीआई में दाखिला लेने के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता आठवीं से लेकर दसवीं और बारहवीं तक निर्धारित है, जो अलग-अलग ट्रेड पर निर्भर करती है। विभाग का लक्ष्य है कि इस अभियान के जरिए न सिर्फ सीटें भरें, बल्कि युवाओं को तकनीकी शिक्षा के माध्यम से आत्मनिर्भर भी बनाया जाए।
वर्जन
आईटीआई में दाखिले के प्रति इस बार रुझान कम देखा जा रहा है। संस्थान के अधिकारी व कर्मचारी मेरिट सूची में नाम आने वाले विद्यार्थियों से लगातार संपर्क कर रहे हैं। उम्मीद है कि ओपन काउंसलिंग में रिक्त सीटें फुल हो जाएंगी।
- भरत कुमार, प्राचार्य, आईटीआई एनआईटी पांच