- बाल वाटिका से कक्षा आठवीं तक के विद्यार्थियों को देने का लिया गया निर्णय
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। जिले के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले करीब एक लाख से अधिक विद्यार्थियों से सप्ताह में चार दिन 200 मिलीलीटर कम वसा युक्त (स्किम्ड फ्लेवर्ड) दूध दिया जाएगा। दो दिन वसायुक्त दूध दिया जाएगा। इसे फरीदाबाद सहित प्रदेश के सभी जिलों में चरणबद्ध तरीके से लागू करने का निर्णय लिया गया है।
इससे पहले राजकीय स्कूलों के बाल वाटिका से कक्षा आठवीं तक के विद्यार्थियों को सप्ताह में तीन दिन दूध दिया जाता था। इसके साथ ही सप्ताह में एक बार पिन्नी देने का निर्णय लिया गया है। इस संंबंध में शिक्षा निदेशालय की ओर से जल्द दिशा-निर्देश जारी कर दिया जाएगा।
प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण (पीएम-पोषण) योजना (पूर्व में मध्याह्न भोजन योजना) के तहत इसे देने का निर्णय लिया गया है। शिक्षा निदेशालय की ओर से जल्द ही प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारी को दिशा निर्देश जारी कर दिया जाएगा है। इसके लिए मुख्यालय से स्तर पर हरी झंडी मिल गई है। वहीं, स्कूल रसोई उद्यानों में हरी पत्तेदार सब्जियों जैसे पालक-मैथी, गाजर-मूली, चुकंदर आदि सब्जियां रहेंगी। जिससे कि विद्यार्थियों को आयरन और फाइबर युक्त आहार मिल सके।
इससे स्कूली बच्चों को खून की कमी और कई अन्य गंभीर बीमारियों से बचाया जा सकेगा। वहीं, सर्द मौसम को ध्यान में रखते हुए मिड डे मील स्कूलों में मिलने वाले दोपहर के भोजन में हरी पत्तेदार सब्जियों को अधिकता शामिल के निर्देश दिए हैं। जो बच्चों के स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभदायक हैं।
किचन गार्डन बनाने के आदेश
स्कूल प्रबंधन को मिड डे मील में हरी पत्तेदार सब्जियां जैसे पालक, मैथी, बथुआ, गाजर, मूली, चकुंदर, आंवला सहित अन्य सब्जियों को दोपहर के भोजन में शामिल कर सकते हैं। विभाग ने इससे पूर्व स्कूल में खाली जगह पर किचन गार्डन बनाने के आदेश दिए थे, ताकि उसमें उगने वाली सब्जियां मिड डे मील में काम आ सकें।
वर्जन
मुख्यालय में वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक हुई थी। इसमें कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए है। इसी क्रम स्कूली बच्चों को सप्ताह में छह दिन दूध देने का प्रस्ताव तैयार किया गया है।
- अशोक बघेल, जिला शिक्षा अधिकारी