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Gurugram News: बीमा कंपनी कर्मियों ने फर्जी कॉल सेंटर खोलकर 150 लोगों को ठगा

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13 मोबाइल, सात सिम कार्ड और 50 हजार की नकदी आरोपियों से बरामद
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अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। साइबर अपराध थाना मानेसर की पुलिस ने बीमा पॉलिसी और गवर्नमेंट बॉन्ड खरीदने के नाम पर साइबर ठगी करने वाले तीन आरोपियों को सोमवार को गाजियाबाद से गिरफ्तार किया। आरोपियों ने बीमा कंपनी में काम करते हुए एक फर्जी कॉल सेंटर खोलकर ठगी की वारदात को अंजाम दिया। आरोपी कंपनी से डाटा चुराकर लोगों को कॉल कर झांसे में लेते थे फिर गवर्नमेंट बॉन्ड खरीदने के नाम पर पैसे ठग लेते थे। पुलिस ने आरोपियों से 13 मोबाइल, सात सिम कार्ड और 50 हजार रुपये नकद बरामद किए है।
आरोपियों की पहचान दिल्ली के जगतपुरा निवासी उदित चोपड़ा, एल-ब्लॉक शास्त्री नगर निवासी जितेश कुमार श्रीवास्तव और कोलपुरा गांव निवासी हिमांशु प्रेमी उर्फ सरदार के रूप में हुई है। उदित चोपड़ा 12वीं कक्षा पास और जितेश कुमार व हिमांशु प्रेमी स्नातक पास हैं। तीनों वर्तमान में उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में रह रहे हैं। आरोपी सात माह से कॉल सेंटर पर काम कर रहे थे और करीब 150 लोगों के साथ ठगी की है।
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आरोपियों से पूछताछ में पता चला कि आरोपी हिमांशु व जितेश गाजियाबाद स्थित एक बीमा कंपनी में नौकरी करते हैं। उन्होंने गाजियाबाद में ही अपना एक कॉल सेंटर खोला था। वह अपनी कंपनी से डाटा चुरा कर लोगों के पास ठगी के लिए कॉल करवाते थे और इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदने के नाम पर गुमराह कर ठगी की वारदात को अंजाम देते थे। लोगों को कॉल करने और ठगी के दौरान होने वाले अन्य कार्यों के लिए आरोपी हिमांशु व जितेश ने कई लोगों को रख रखा था। चार की पहले गिरफ्तारी हो चुकी है। पांचवा आरोपों उदित चोपड़ा को इनके साथ पकड़ा गया। मामले में अब तक कुल सात आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

चार आरोपी पहले ही पकड़े गए
पुलिस की जांच में सामने आया कि मामले में शिकायतकर्ता की राशि जिस बैंक खाते में ट्रांसफर हुई थी, उससे डेबिट कार्ड व चेक के माध्यम से रुपये निकाले गए थे। मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने बैंक खाताधारक श्याम को और डेबिट कार्ड के माध्यम से नकदी निकालने वाले आरोपी अर्जुन सिंह को 6 मई को गिरफ्तार किया था। इसके बाद 8 मई को आरोपी धर्मेंद्र सिंह (सिम उपलब्ध कराने वाला) और अमित कुमार यादव उर्फ सत्येम (डेबिट कार्ड से नकदी निकालने वाला) को उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया था।

अधिकतर बंद पॉलिसी वाले लोगों को रिन्यू के लिए करते थे कॉल
आरोपियों से पूछताछ में पता चला कि उन्होंने इंश्योरेंस कंपनी से ऐसे लोगों की सूची निकाली, जिनकी पॉलिसी किन्ही कारणों से बंद हो गई थी। उन लाेगों को कॉल कर पॉलिसी रिन्यू करने व बॉन्ड भरवाने के लिए संपर्क किया। कई धारकों ने अपनी पॉलिसी को रिन्यू कराने के लिए सहमति दी तो आरोपियों ने बॉन्ड भरवाने के नाम पर उनसे रुपये ट्रासंफर कराकर वारदात को अंजाम दिया। एक पीड़ित ने 21 जनवरी 2026 को साइबर थाना मानेसर में दी शिकायत में बताया कि एक अनजान व्यक्ति ने दिसंबर 2025 में खुद को वन सर्वर कैपिटल एडवाइस (एलएलपी) का प्रतिनिधि बताकर पॉलिसी बॉन्ड खरीदने के नाम पर करीब 26 लाख रुपये की ठगी कर ली। पीड़ित की शिकायत पर साइबर अपराध थाना मानेसर में संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
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आरोपी जितेश कुमार व हिमांशु प्रेमी को अदालत में पेश कर तीन दिन के रिमांड पर लिया है। रिमांड के दौरान आरोपियों से मामले में संलिप्त अन्य आरोपियों व ठगी की वारदातों के बारे में पूछताछ की जा रही है। आरोपी उदित चोपड़ा को न्यायिक हिरासत में भोंडसी जेल भेज दिया है। - गौरव फोगाट, एसीपी साइबर अपराध, गुरुग्राम
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