मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक
17 में से 15 परिवार का किया गया निपटारा
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इंतकाल ऑनलाइन दर्ज नहीं करने पर नायब तहसीलदार के खिलाफ जांच के निर्देश दिए हैं। वहीं, बहोड़ा कला गांव में तीन साल से अधूरे सीवर कार्य पर संबंधित अधिकारी का इंक्रीमेंट रोकने के लिए निर्देश दिया है। मुख्यमंत्री सोमवार को सिविल लाइंस स्थित स्वतंत्रता सेनानी जिला परिषद हॉल में जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में 17 परिवाद रखे गए जिनमें से 15 का मौके पर ही निपटारा किया गया। 2 मामलों को आगामी बैठक तक लंबित रखने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन लंबित मामलों की स्टेटस रिपोर्ट अगली बैठक में प्रस्तुत करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरुग्राम प्रदेश का सबसे तेज़ी से विकसित होता शहर है, इसलिए यहां नागरिक सुविधाओं के संचालन में किसी भी स्तर की ढिलाई या कोताही को स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शहर में पानी, सीवर और सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) की वर्तमान स्थिति पर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर शीघ्र प्रस्तुत करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि गुरुग्राम में बसने वाला हर नागरिक तय समयावधि में उच्च स्तरीय मूलभूत सुविधाओं का लाभ प्राप्त करे। बैठक में कुल 17 परिवाद रखे गए, जिनमें से मुख्यमंत्री ने 15 का मौके पर ही निपटारा किया।
टैंकर माफिया पर सख्त कार्रवाई के दिए निर्देश
मुख्यमंत्री ने शहर में सक्रिय टैंकर माफिया पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गुरुग्राम जैसे आधुनिक शहर में अवैध रूप से पानी की सप्लाई करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यदि कोई व्यक्ति गैरकानूनी रूप से जल आपूर्ति या शोधन का कार्य करता पाया जाता है तो संबंधित विभाग तुरंत नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करे। पुलिस आयुक्त को निर्देश दिए कि ऐसे मामलों में नागरिकों से प्राप्त शिकायतों पर त्वरित संज्ञान लेते हुए संबंधित क्षेत्र के एसएचओ द्वारा प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई की जाए।
बिल्डर तय एग्रीमेंट के तहत उपलब्ध कराए सुविधाएं नहीं तो होगी कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने बिल्डर्स से संबंधित शिकायतों पर गंभीरता से संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि कोई भी बिल्डर अपने प्रोजेक्ट से जुड़े निवासियों को एग्रीमेंट में तय की गई मूलभूत सुविधाएं जैसे पानी, बिजली, सीवर, सड़क और सुरक्षा व्यवस्था समय पर उपलब्ध कराए। यदि कोई बिल्डर ऐसा करने में लापरवाही बरतता है या नागरिकों के साथ अनुबंध के विपरीत व्यवहार करता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जनता की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता से हो
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पटौदी के लोकरा गांव से आए एक शिकायतकर्ता की बात पर तुरंत संज्ञान लेते हुए संबंधित नायब तहसीलदार के खिलाफ जांच के आदेश जारी किए। शिकायतकर्ता ने बताया कि इंतकाल लंबे समय से ऑनलाइन दर्ज नहीं किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि जनता की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के साथ होना चाहिए।
लापरवाह अधिकारी का इंक्रीमेंट रोकने के निर्देश
गांव बहोड़ा कला के सरपंच मनवीर सिंह ने अवगत कराया कि गांव में सीवर लाइन बिछाने का कार्य पिछले तीन वर्षों से जारी है, लेकिन अब तक पूरा नहीं हो सका है। विभाग ने पूरे मार्ग की खुदाई कर दी है, जिससे ग्रामीणों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अधिकारियों ने बताया कि विभिन्न विभागों से अनुमति और एनओसी जारी होने में देरी के कारण कार्य अधूरा रह गया। मुख्यमंत्री ने इस पर कड़ा संज्ञान लेते हुए कहा कि जनता से जुड़े कार्यों में देरी अस्वीकार्य है। उन्होंने निर्देश दिए कि जिस अधिकारी की लापरवाही से फाइल पेंडिंग रही है, उसके खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाए और इंक्रीमेंट रोका जाए।
ये रहे मौजूद
इस मौके मेयर राजरानी मल्होत्रा, जीएमडीए के प्रधान सलाहकार डीएस ढेसी, मंडलायुक्त आरसी बिढान, उपायुक्त अजय कुमार, पुलिस आयुक्त विकास अरोड़ा, निगम गुरुग्राम आयुक्त प्रदीप दहिया, एचएसवीपी की प्रशासक वैशाली सिंह, मानेसर के निगम आयुक्त आयुष सिन्हा, अतिरिक्त निगमायुक्त अंकिता चौधरी, मुख्यमंत्री के ओएसडी तथा सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के अतिरिक्त निदेशक विवेक कालिया, एडीसी वत्सल वशिष्ठ, सीटीएम सपना यादव, जिलाध्यक्ष सर्वप्रिय त्यागी, मानेसर के जिलाध्यक्ष अजित यादव, जिला परिषद की चेयरपर्सन दीपाली चौधरी सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।