सर्विस के दौरान डेंगू मरीजों को दिया प्लेटलेट्स, नूंह पुलिस लाइन बनवाने के दौरान एक मदरसे को हटवाया
22 साल पहले सिपाही के पद पर हुई थी नियुक्ति
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। मूलरूप से जींद के रहने वाले इंस्पेक्टर महाबीर को राष्ट्रपति पुलिस पदक देने के लिए चयनित किया गया है। उन्होंने 22 साल पहले सिपाही के पद से हरियाणा पुलिस में नौकरी शुरू की थी। पांच साल पहले इंस्पेक्टर पद लिए चयनित हुए। नौकरी के दौरान हिसार, कुरुक्षेत्र व प्रदेश के अन्य हिस्सों में अपनी बेहतर सेवाओं के लिए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की ओर से सम्मानित होते रहे हैं। उनके दो बच्चे हैं। बड़ी बेटी एमबीबीएस कर रही है तो छोटा बेटा बीटेक की पढ़ाई कर रहा है।
नौकरी के दौरान अधिकतर पुलिस स्टेशनों में पुलिस और जनता के बीच मधुर सम्बन्ध बनाने के लिए प्रत्येक गांव की एक पुलिस पब्लिक सम्बन्ध सुधार टीम बनवाई गई थी। कई थानों पर स्वागत कक्ष भी बनवाये गए थे। पुलिस पब्लिक सम्बन्ध सुधार टीम के कार्यों को जनता की तरफ से सराहा गया था और इस टीम के नतीजे काफी सकारात्मक व उत्साहवर्धक थे।
साल 2016 में मन निरीक्षक ने स्वेच्छा से गुरुग्राम में डेंगू पीड़ित मरीजों कि सहायतार्थ अपना रक्त (प्लेटलेट्स) उपलब्ध करवाकर उनके जीवन को बचाया था। जिसके लिए जिला प्रशासन की ओर से प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया था।
चार साल पहले महाबीर को पुलिस काम्प्लेक्स टूंडलाका के निर्माणाधीन पुलिस परिसर को विकसित करने की जिम्मेवारी दी गई थी। इसके अन्दर एक अवैध अस्थाई मदरसा था जो सामाजिक प्रयासों से हटवाया गया। पुलिस परिसर को विकसित करने व पर्यावरण को स्वच्छ रखने के लिए वहां पर 20,000 पौधे लगवाए गए। उनकी देखभाल भी ठीक प्रकार से की गई।