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गुरुग्राम: केओडी सहित आधा दर्जन संस्थानों पर आयकर का छापा, 27 ठिकानों पर कार्रवाई

Wed, 10 Nov 2021 11:36 PM IST
नोएडा ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, गुरुग्राम

सार

इस मामले में करीब 500 करोड़ रुपये की आयकर चोरी का खुलासा होने का अनुमान है। वास्तव में कितने की आयकर चोरी है, इस बारे में एक दो दिन में ही स्थिति का पता चल सकेगा।
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किंगडम ऑफ ड्रीम्स
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विस्तार
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हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़ तथा दिल्ली की आयकर विभाग की 150 अधिकारियों की टीम ने गुरुग्राम के नामचीन कंपनी और संस्थान किंगडम ऑफ ड्रीम्स (केओडी), 32 माइल्स स्टोन, गीतांजलि होम्स प्राइवेट लिमिटेड, और एसएल टूल्स आदि कंपनियों के 27 स्थानों पर छापा मारा।

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इनमें करीब 500 करोड़ रुपये की आयकर चोरी का खुलासा होने का अनुमान है। वास्तव में कितने की आयकर चोरी है, इस बारे में एक दो दिन में ही स्थिति का पता चल सकेगा। इस कार्रवाई की खबर जैसे ही अन्य संस्थानों और कंपनियों को हुई, उनके प्रबंधन तंत्र में हड़कंप मच गया। वह पल-पल की जानकारी लेने में जुटे रहे। इस कार्रवाई के लिए स्थानीय पुलिस का भी सहयोग लिया गया।

यह भी जानकारी मिली है कि दिसंबर और जनवरी में कई और बड़ी कंपनी तथा संस्थानों पर इस तरह की कार्रवाई की जा सकती है। एन वक्त तक इस कार्रवाई से स्थानीय स्तर के अधिकारी अनजान रहे।
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चंडीगढ़ स्थित महानिदेशक आयकर तथा प्रमुख निदेशक आयकर के नेतृत्व में यह छापे मारे गए हैं। छापे की कार्रवाई बुधवार सुबह छह बजे से शुरू हुई, जोकि देर रात तक जारी रही। संकेत मिले हैं कि बृहस्पतिवार को भी जारी रह सकती है।

सूत्रों का कहना है कि जिन 27 ठिकानों पर छापे मारे गए हैं, उनमें डीएलफ, गोल्फ कोर्स रोड स्थित कार्यालय, मेग्नोलियाज सोसाइटी, सेक्टर-29, मानेसर सहित आधा दर्जन स्थानों पर कार्यालय तथा उनके आवास भी हैं। इनमें काफी संख्या में नकदी के अलावा एफडी, बैंक खाते में जमा रकम, जूलरी आदि बताई जा रही है। इस बारे में आयकर विभाग के अधिकारी ने किसी भी तरह की जानकारी देने से अनभिज्ञता प्रकट की है।

एक साल से आयकर विभाग के रडार पर थे संस्थान
आयकर विभाग की एसआईबी तथा विजिलेंस टीम एक महीने से इन संस्थान और कंपनियों, इनके चेयरमैन तथा प्रबंधनतंत्र के तीन साल पुराने रिटर्न की गहनता से जांच पड़ताल कर रही थी। इसमें उनके रिटर्न, बैलेंस सीट आदि की जानकारी मिली। जिसमें पता चला कि जो रिटर्न दाखिल किए गए हैं, वह कम धनराशि के हैं। जबकि इससे अधिक राशि इन संस्थान तथा उनके पदाधिकारियों के पास हैं। इन सभी की गहराई से पड़ताल करने के बाद सर्वे की कार्रवाई की गई है।

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