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शहर में सरकारी जमीन पर कब्जा जमाए बैठे हैं माफिया

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गुरुग्राम। शहर में खाली पड़ी सरकारी जमीन पर अवैध रूप से कब्जा है। इसका खुलासा नगर निगम बोर्ड की बैठक में उस समय हुआ जब पार्षदों ने नगर निगम की जमीन को लेकर सवाल उठाए। सवाल के जवाब में अधिकारियों की ओर से बताया गया कि निगम की कुल 6577 एकड़ जमीन में से 124 एकड़ जमीन पर अवैध कब्जा है।
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इस जमीन पर कहीं बाजार सज रहा है तो कहीं सब्जी मार्केट लग रही है तो कहीं कच्ची और पक्की दुकानें बनाकर जमकर किराया वसूला जा रहा है। शहर में अंधेरगर्दी का आलम यह है कि विभिन्न सड़कों पर खड़े होने वाले रेहड़ी खोमचे वालों से भी शहर के माफिया मोटा किराया वसूलते हैं। नगर निगम के संज्ञान में सब है, बावजूद इसके नगर निगम इस जमीन को कब्जा मुक्त कराने की जहमत नहीं उठा रहा।
नगर निगम का गठन वर्ष 2008 में हुआ था। वर्ष 2011 में इसके पहले सदन का गठन हुआ। तब से लेकर आज तक नगर निगम अपनी ही जमीन से कब्जा नहीं हटवा पाया है। आलम यह है कि एक जगह को कब्जा मुक्त कराया जाता है तो अगले ही दिन दूसरी जगह कब्जा हो जाता है। वर्ष 2014 में तत्कालीन कमिश्नर डॉ. प्रवीण कुमार ने बड़े पैमाने पर निगम की जमीन से अवैध कब्जा हटाने की मुहिम चलाई थी। उनके रहते मुहिम अपने पूरे रंग में चली, लेकिन उनके तबादले के साथ ही ठंडी पड़ गई। हालांकि, नगर निगम गाहे-बगाहे अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है, लेकिन इसमें शहरी क्षेत्र की बजाय ग्रामीण क्षेत्र के अवैध कब्जे अधिक शामिल है।
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एचएसवीपी की जमीन पर कब्जा
शहर में एचएसवीपी (हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण) की जमीन पर अवैध कब्जों की भरमार है। एसएसवीपी ने हाल ही में अवैध कब्जों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की है। कब्जा लोग रहने के लिए ही नहीं बल्कि कमर्शियल गतिविधियों के लिए भी करते हैं। पिछले दिनों ही सेक्टर 53 में बंजारा मार्केट में एचएसवीपी ने बड़ी कार्रवाई की। हालांकि, बाद में यह कार्रवाई अधूरी ही छोड़नी पड़ गई।
निगम में शामिल गांवों की जमीन पर अधिक कब्जे
नगर निगम के रिकॉर्ड के मुताबिक, निगम के चारों जोन में अवैध कब्जों की भरमार है। सबसे अधिक कब्जे निगम में शामिल हुए गांवों की जमीन पर है। यहां लोगों ने अपने फायदे के लिए कब्जा किया है। यहां तक कि जोहड़, तालाब और दूसरे सार्वजनिक जगह भी बगैर कब्जे के नहीं छोड़े। कई गांवों में जोहड़ का अस्तित्व ही खत्म कर दिया गया। इसके अलावा शहर की रिहायशी कॉलोनियों, सेक्टरों में खाली पड़ी जमीन पर माफिया कब्जा जमाए बैठे हैं। निगम के अधिकारियों और कुछ सत्ताधारी और प्रभावशाली पार्षदों की शह पर ही यह कब्जे हैं।
लगातार मुक्त करा रहे जमीन : कमिश्नर
नगर निगम के कमिश्नर मुकेश कुमार आहुजा ने कहा कि निगम अपनी जमीन को कब्जा मुक्त करा रहा है। आए दिन कहीं न कहीं अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई की जाती है। इसके लिए स्पेशल विंग बनाई गई है। बैठक में आंकड़े सामने लाए गए हैं कि कितनी जमीन कब्जा मुक्ता करा ली और कितनी और करानी है। जल्द ही इसे भी कब्जा मुक्ता करा लिया जाएगा।
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