गुरुग्राम। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) आवंटी को कब्जा देने में देरी होने पर जमा की गई राशि पर दिए जाने वाले ब्याज में कटौती की तैयारी कर रहा है। इस संबंध में मसौदा तैयार किया जा चुका है। 2 मई को इसी मुद्दे पर प्राधिकरण की बैठक होने जा रही है, जिसमें इस संबंध में अंतिम फैसला ले लिया जाएगा। उधर, इसे लेकर आवंटियों में रोष है।
एचएसवीपी की कॉलोनियों में प्लॉट या फ्लैट बुक कराने वालों को निर्धारित तीन वर्ष में कब्जा देने का प्रावधान है। इस दौरान आवंटी 90 फीसदी तक पैसा प्राधिकरण को चुका देते हैं। इससे अधिक समय कब्जा देने में लगने पर प्राधिकरण आवंटी को जमा किए गए पैसे पर ब्याज देता है। अब तक यह ब्याज 9 फीसदी की दर से आवंटी को दिया जाता था। इससे आवंटी को संतोष रहता था कि उसके निवेश किए गए पैसे पर कुछ रिटर्न मिल रहा है लेकिन अब एचएसवीपी के पंचकूला स्थित मुख्यालय से प्रशासक की ओर से पत्र जारी किया गया है, जिसमें ब्याज दर को 5.5 फीसदी घटाकर 3.5 फीसदी कर दिए जाने की बात कही है। इस संबंध में 2 मई को एक बैठक भी होने जा रही है लेकिन आवंटियों को यह बात गले नहीं उतर रही है। वह अपना रोष सोशल मीडिया पर जाहिर कर रहे हैं। देव कुमार नाम के एक यूजर ने टिप्पणी की है कि यह प्रस्ताव आम जनता पर अफसरशाही के हावी होने की सटीक मिसाल है। इसी तरह अलग-अलग लोग अपना रोष जाहिर कर रहे हैं।