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मां और दो बेटों की हत्या के दोषी 5 लोगों को उम्रकैद

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गुरुग्राम। मां व दो बेटों की हत्या के मामले की सुनवाई करते हुए अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. डीएन भारद्वाज की अदालत ने पुख्ता सबूतों व गवाहों के आधार पर पांच आरोपियों को दोषी करार दिया है। अदालत ने उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई व सभी दोषियों पर साढ़े छह हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
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सेक्टर 10 थाना क्षेत्र के विकास नगर निवासी मीनू ने 22 अप्रैल 2016 को शिकायत दर्ज कराई थी कि उसका पति धर्मेंद्र रात्रि में घर पर ही था। इस दौरान उन्हें बाहर से मारपीट करने की आवाज सुनाई दी तो वह अपने पति के साथ बाहर आ गई। पड़ोस में रहने वाली कमला देवी, संपत व उसके तीनों बेटे रामसिंह, लखन व शंकर उनके पुत्रों के साथ मारपीट कर रहे थे। उसने अपनी शिकायत में बताया कि उनके मकान का निर्माण कार्य चल रहा था। निर्माण के लिए सरिया मंगाया गया था, जिसे उन्होंने घर के बाहर ही रखवा दिया था और कुछ सरिया संपत के घर के सामने भी रखा था, जिससे वह नाराज थे और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल कर उन्हें परेशान कर रहे थे।
उन्होंने सोची-समझी साजिश के तहत मीनू के देवर राजू, अजय, विजय व सास पर डंडों से हमला कर घायल कर दिया था। जब मारपीट का शोर सुनकर धर्मेंद्र और मीनू बीच-बचाव करने गए तो आरोपियों ने उस पर भी हमला कर घायल कर दिया था। इस घटना में अजय व विजय ने मौके पर ही दम तोड़ दिया था। धर्मेंद्र व सास को सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। सास ने उपचार के दौरान दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में दम तोड़ दिया था। इस प्रकार इस घटना में मां सहित दोनों पुत्रों की दर्दनाक मौत हो गई थी। पुलिस ने संपत, उसकी पत्नी कमला, बेटा रामसिंह, लखन व शंकर के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर जेल भेज दिया था। मामला अदालत में चला। अभियोजन पक्ष ने अदालत में जो सबूत व गवाह पेश किए, उन पर लगे आरोप सिद्ध होना पाते हुए मामले की गंभीरता को देखते हुए पांचों को दोषी करार देते हुए इस तिहरे हत्याकांड में उम्रकैद की सजा सुनाई है।
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