गुरुग्राम। हरेरा द्वारा दो बार डेडलाइन बढ़ाने के बावजूद बिल्डरों ने अपने प्रोजेक्ट का हिसाब नहीं दिया था। अब ऐसे 50 बिल्डरों को विभाग द्वारा नोटिस भेजा गया है। वहीं 350 नए बिल्डरों को हिसाब देने के लिए 30 दिसंबर तक का समय दिया गया है। विभाग ने नोटिस में कहा है कि रियल एस्टेट कंपनियों और बिल्डरों ने हिसाब नहीं दिया तो उन्हें जुर्माना लगाया जाएगा।
चार सौ रियल एस्टेट कंपनियों के छह सौ प्रोजेक्ट पर बिल्डरों ने हरियाणा रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (हरेरा) को प्रोजेक्ट और कंपनी का हिसाब नहीं दिया है। हरेरा ने इन सबसे 30 जून तक और फिर से 30 सितंबर तक बैलेंस शीट और ऑडिट स्टेटमेंट रिपोर्ट मांगी थी। इसके साथ ही सभी से कंप्लीशन सर्टिफिकेट और आक्यूपेंसी सर्टिफिकेट भी मांगा गया था। हिसाब न देने पर बिल्डरों से अब नियमानुसार पूरे प्रोजेक्ट की लागत का पांच से दस फीसदी तक जुर्माना वसूला जा सकता है। वहीं, हरेरा की सख्ती बरतने के बाद 30 बिल्डरों ने नए सेक्टरों में हाउसिंग परियोजनाओं की 30 जून तक जानकारी दी थी। बिल्डरों ने दी रिपोर्ट में कहा है कि वर्ष 2022 तक आवासीय परियोजनाएं पूरा हो जाएंगी। बिल्डरों के जवाब से हरेरा संतुष्ट नहीं है। दोबारा से प्रोजेक्ट की जानकारी मांगी है।
यह जानकारी भी देनी थी
बिल्डरों को अपने प्रोजेक्ट के बारे में हरेरा को यह जानकारी भी देनी थी कि उनके प्रोजेक्ट का काम तय समय पर कहां तक पूरा हुआ, कितनी राशि खर्च की गई, प्रोजेक्ट पूरा होने में और कितनी देर लगेगी। मामले में हरेरा को बड़ी संख्या में शिकायत मिली थी कि कई रियल एस्टेट कंपनियां बुकिंग कर प्रोजेक्ट के नाम पर पैसा ले लेती हैं, लेकिन उस प्रोजेक्ट का काम रोककर उसी राशि से दूसरे प्रोजेक्ट का काम शुरू कर देती हैं। गौरतलब हो कि हयातपुर गांव और आसपास में बिल्डर की कई परियोजनाएं निर्माणाधीन है। इस परियोजना के लिए वर्ष 2013 में जिला नगर योजनाकार द्वारा लाइसेंस दिया गया था।