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Gurugram News: अमेरिकी नागरिकों से ठगी करने वाले फर्जी कॉल सेंटर का किया भंडाफोड़, ठगी का यह था तरीका

Fri, 23 Dec 2022 07:57 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, गुरुग्राम

सार

गुरुग्राम पुलिस ने अमेरिकी नागरिकों से ठगी करने वाले फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने मैनेजर और तीन महिला आरोपियों समेत 12 को गिरफ्तार किया है। विदेशियों को तकनीकी सहायता देने के नाम पर ठगी की वारदात को अंजाम देते थे।
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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गुरुग्राम के साइबर ईस्ट जोन की थाना टीम ने सेक्टर-55 में चल रहे अवैध कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है। यहां से विदेशी लोगों से तकनीकी सहायता देने के नाम पर ठगी को अंजाम दिया जा रहा था। पुलिस टीम ने मामले में 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से 12 लैपटॉप बरामद किए हैं। पुलिस ने सभी आरोपियों को अदालत में पेश किया है। जहां से सभी को पूछताछ के लिए एक दिन के रिमांड पर दिया गया है।
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थाना प्रभारी साइबर थाना ईस्ट प्रभारी इंस्पेक्टर जसबीर ने बताया कि टीम को सूचना मिली थी कि मकान नंबर ए-126 सुशांत लोक-2 ब्लॉक-बी सेक्टर-55 में अवैध कॉल सेंटर चल रहा है। टीम ने वहां पर मौजूद लोगों से कागजात मांगे तो वह किसी तरह का कागजात नहीं दिखा सके। 

पुलिस को छानबीन के दौरान पता चला कि अनिल निवासी चंडीगढ़ व उसका पार्टनर विजय त्रिपाठी द्वारा कॉल सेंटर चलाया जा रहा है। मौके पर कुल 09 युवक व 03 महिलाओं सहित कुल 12 लोग काम करते मिले। इन सभी को गिरफ्तार कर लिया गया। इनकी पहचान विजय त्रिपाठी, आतिफ, कार्तिक, अंबरीश, इस्माईल गुरुंग, एलेक्स चांग, अब्दुल्ला, ललित शर्मा, नासिर, मिरयाना पनमयी, मरसी सोलो व लुंगयली गोन के रूप में हुई है।
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ठगी का यह था तरीका
पुलिस पूछताछ में ज्ञात हुआ कि इस कॉल सेंटर का मालिक अनिल है और विजय त्रिपाठी इस कॉल सेंटर का मैनेजर/पार्टनर हैं। इस कॉल सेंटर से ये विभिन्न माध्यमों से अमेरिका व विदेशी मूल के लोगों को इंटरनेट के माध्यम से मैसेज भेजकर उनको अमेजन, माइक्रोसॉफ्ट, एप्पल पायपल की सर्विस व अन्य तकनीकी सहायता देने के नाम पर ठगी की जाती थी। 
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सर्विस देने के नाम पर विदेशी नागरिकों को अपने विश्वास में लेकर उनके कम्पयूटर/डिवाइस का एक्सेस प्राप्त कर लेते और उन्हें तकनीकी सहायता देने के नाम पर 300 से 500 डॉलर तक ठग लेते थे। ठगी किए गए डॉलर से ये गिफ्ट कार्ड खरीदवाकर रुपये प्राप्त कर लेते थे। पिछले करीब छह महीनों से ये इस कॉल सेंटर को चला रहे है। कॉल सेंटर का मालिक इन्हें वेतन के अलावा इनके द्वारा ठगे गए प्रति डॉलर पर 12 रुपए कमीशन भी देता था।
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