साइबर सिटी यानी गुरुग्राम की 91 लाल बत्ती अगर किसी भी कारण खराब होती है तो इलाके के टैफिक इंस्पेक्टर या संबधित जेडओ की जिम्मेवारी होगी कि उसकी ऑनलाइन टिकट दर्ज करे। ऑनलाइन टिकट दर्ज करते ही समस्या जीएमडीए के अधिकारियों के संज्ञान में होने के साथ इनका मेंटेनेंस करने वाली कंपनी को जानकारी होगी।
डीसीपी ट्रैफिक ने बताया कि जीएमडीए से करार करने वाली कंपनी का जिम्मा है कि वह किसी भी हालत में चार घंटे के भीतर उस समस्या को दूर करें। अन्यथा कंपनी को करार के हिसाब से वापस भुगतान करना होगा। बारिश के बाद से लाल बत्ती खराब होने का सिलसिला अधिक है।
जीएमडीए ने ट्रैफिक पुलिस को लिखे पत्र में कहा कि शिकायत ऑन लाइन की जाय। इसके बाद डीसीपी ट्रैफिक आर एस तोमर ने सभी पुलिस अधिकारियों का निर्देश दिया है कि वह बताये कि लाइट खराब होने के कितनी देर बात शिकायत की है और समस्या का हल कब निकला है। अगर उनकी ओर से लापरवाही पायी गई तो उनके खिलाफ कार्रावाई की जाएगी।
बहुत सी लाइट है कि जो चलते-चलते बंद हो जाती हैं
ट्रैफिक पुलिस ने अपनी ओर से भेजे गए पत्र में कुछ लाइट का जिक्र किया है जो चलते-चलते बंद हो जाती है। इसमें सोहना रोड की वाटिका चौक की लाइट प्रमुख है। इस विषय में कंपनी का कहना है कि इसके बगल से निकले वायर की वजव से ऐसा होता है। जल्द ही इसकी लाइन को अन्य कहीं से निकाला जाएगा।
लाइट खराब होने के बाद उसे ठीक होने में अब देरी नहीं होगी। जीएमडीए की ओर से मिली जानकारी के बाद अब ट्रैफिक पुलिस की ओर से इसकी सूचना ऑन लाइन दर्ज कही जाएगी। इस संबध में सभी को पत्र लिखा जा चुका है। -आर एस तोमर, डीसीपी ट्रैफिक, गुरुग्राम।