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हैरानी: घर पर खड़ी बाइक का कट रहा चालान, युवक हो रहा परेशान, ये है पूरा मामला

Wed, 19 Jan 2022 11:55 AM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, गुरुग्राम
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cctv grab - फोटो : वीडियो ग्रैब
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गुरुग्राम के पालम विहार निवासी युवक की बाइक घर पर खड़ी है और उसका रेडलाइट जंप करने का चालान कट गया। चालान की डिटेल निकाली तो पता चला कि एक स्कूटी सवार उनकी बाइक के नंबर की फर्जी प्लेट लगाकर घूम रहा है। एक सप्ताह में करीब चार चालान पांच हजार रुपये के उसके नाम के कट गए। उन्होंने ट्विटर पर फोटो के साथ शिकायत कर आरोपी को पकड़ने की मांग की है। निस्तारण नहीं होने पर उन्होंने खुद आरोपी को पकड़ने की बात कही है।
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जानकारी के मुताबिक, पालम विहार क्षेत्र में मनोज कौशिक रहते हैं। वह एक निजी कंपनी में काम करते हैं। उन्होंने बताया कि 26 दिसंबर को उन्होंने नई कंपनी में नौकरी ज्वाइन की थी। इसके बाद से उनकी बाइक घर पर खड़ी है।

तीन जनवरी को उनके मोबाइल पर मैसेज आया। मैसेज देखा तो वह दंग रह गए। उनकी बाइक का रेडलाइट जंप करने का चालान कट गया था। इसके बाद सात जनवरी और फिर 11 जनवरी को एक के बाद एक दो मैसेज आए। उन्होंने चालान की डिटेल निकाली तो पता चला कि एक स्कूटी पर उनकी बाइक के नंबर की प्लेट लगी हुई थी। जिसका चालान में रेडलाइट जंप करते हुए फोटो है।
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चारों चालान करीब पांच हजार रुपये के हैं। पीड़ित ने मामले की शिकायत ट्विटर पर सीएमओ हरियाणा, मंत्री अनिल विज, आईजी ट्रैफिक हरियाणा, डीसीपी ट्रैफिक गुरुग्राम से की है। उन्होंने आरोपी की धरपकड़ करने की मांग की है। ट्विटर पर यातायात पुलिस ने मामले को अपराध नियंत्रण टीम को भेजने की बात कही है। हालांकि दस दिन बाद भी आरोपी नहीं पकड़ा गया है। 

खुद पकड़ने जाने का किया दावा
पीड़ित मनोज ने बताया कि पांच हजार रुपये का चालान कटा है। आरोपी फर्जी नंबर प्लेट लगाकर कोई भी वारदात कर सकता है। अभी भी आरोपी पुलिस की पकड़ से दूर है। उन्होंने कहा कि वह खुद ही अब कैमरे की डिटेल निकलवाकर स्पॉट की जानकारी करेंगे। इसके बाद वह वहां खुद खड़े होकर आरोपी को पकड़ने का प्रयास करेंगे। जिससे आरोपी पकड़ा जा सके। 

क्या कहते हैं अधिकारी
यदि ऑनलाइन चालान गलत कटा है तो दस दिन के अंदर इसकी शिकायत ट्रैफिक ऑफिस में आकर पीड़ित कर सकते हैं। जिससे उनकी समस्या का समाधान कराया जाएगा। हालांकि मामले की जांच कराई जा रही है। जिससे आरोपी पकड़ा जा सके।- आरएस तोमर, डीसीपी ट्रैफिक, गुरुग्राम। 
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