मनोज धर द्विवेदी
गुरुग्राम। न्यू गुरुग्राम, पालम विहार और डीएलएफ फेज-3 समेत 34 सेक्टरों में पेयजल की आपूर्ति बेहतर होगी। इन क्षेत्रों के लिए जीएमडीए द्वारका एक्सप्रेसवे से होकर करीब बीस किलोमीटर की मास्टर पेयजल लाइन डलवाने जा रहा है। 125 करोड़ से करीब 20.50 किमी परियोजना का विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) बनकर तैयार है। चुनाव बाद इसका टेंडर जारी होगा।
मिलेनियम सिटी का तेजी से विकास हो रहा है और न्यू गुरुग्राम के सेक्टर 58 से 115 तक में कई आवासीय परियोजनाएं आ रही हैं। ऐसे में पेयजल की मांग नए सेक्टरों में आने वाले समय में बढ़ने संभावना है। इसके साथ ही पालम विहार क्षेत्र और डीएलएफ फेज तीन (सेक्टर 25) में गर्मियों में पेयजल संकट उत्पन्न हो जाता है। दूसरी ओर आईआईटी रुड़की ने शहर में पेयजल पर अध्ययन किया था। इसमें शहर में नई पाइप लाइन डालने समेत अन्य पर सुझाव दिया गया था।
ऐसे में शहर में पानी सप्लाई को बेहतर करने का मामला सीएम की अध्यक्षता में हुई जीएमडीए बोर्ड बैठक में कुछ माह पहले रखा गया था। इस पर कम पेयजल आपूर्ति वाले क्षेत्रों में नई पाइप लाइन डालने की मंजूरी दी गई थी। गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण ने एक एजेंसी को परियोजना का डीपीआर बनाने का काम सौंपा हुआ है। एजेंसी ने लगभग काम पूरा कर लिया है। प्रोजेक्ट में कुछ जगहों पर जमीन और पाइप संबंधी जानकारी मांगी थी, जिसे जीएमडीए ने एजेंसी को उपलब्ध करा दिया है।
जीएमडीए के एक अधिकारी ने बताया कि डीपीआर लगभग बनाकर तैयार है। एजेंसी से डीपीआर मिलने के बाद इसे जांचा जाएगा, जिससे कोई तकनीकी गड़बड़ी हो तो उसे दूर किया जा सके। इसके बाद सीईओ के समक्ष रखा जाएगा। मंजूरी के बाद टेंडर लगाया जाएगा। इन जगहों पर बसई वाटर ट्रीटमेंट प्लांट की दूसरी यूनिट से पानी की सप्लाई की जाएगी। जीएमडीए के कार्यकारी अभियंता ने बताया कि शहर में बेहतर पेयजल प्रबंधन को लेकर काम चल रहा है। इसमें बसई और चंदू में नए पानी शोधन संयंत्र बनाया जा रहे हैं।
द्वारका एक्सप्रेसवे से होकर जाएगी पाइपलाइन
बसई और चंदू पानी शोधन संयंत्र से सेक्टर 22,23, चार, सात, सरहौल, सेक्टर 25 व 26 में पानी की लाइन शहर के अंदर से होकर गई है। यह लाइन काफी पुरानी हो चुकी है और कई जगहों पर मेन लाइन से कई काॅलोनियों में सीधे पानी के कनेक्शन हैं। ऐसे में पानी अंतिम छोर वाले सेक्टरों में कम मिलता है। ऐसे में जीएमडीए ने नई पाइप लाइन को शहर के बाहर द्वारका एक्सप्रेसवे से होते हुए सेक्टर 23 व 23ए, सेक्टर 19 व 22, चौमा से होकर जाएगी। जीएमडीए करीब 20.50 किलोमीटर लंबी पाइप लाइन डलवाएगा।
इन सेक्टरों को सीधा मिलेगा लाभ
नई पाइप लाइन से सेक्टर 101, 104, 108, 110, 110ए, 111, न्यू पालम विहार और सराय गांव को सीधा लाभ मिलेगा। इन जगहों पर करीब 10 एमएलडी पानी मिल रहा है जबकि मांग करीब 15 एमएलडी की है। इसके अलावा अंतिम छोर वाले क्षेत्रों में सेक्टर एक व दो, सेक्टर 18 व 19 (एसएसआईआईडीसी), सेक्टर 20 (डूंडाहेडा), सेक्टर 21 (सूर्या विहार), सेक्टर-22, 23, 23ए (कार्टरपुरी पालम विहार एक्सटेंशन, नोबल एन्क्लेव) है। हालांकि साथ इससे सटे सेक्टरों में सेक्टर 3ए, सेक्टर चार, सेक्टर सात, सेक्टर आठ, सेक्टर नौ, सेक्टर 9ए, 12, 12ए, भीमगढ़ खेड़ी, अशोक विहार फेज दो व तीन, मारुति उद्योग, सुखराली और सेक्टर 13, सरहौल, नाथुपूर, सेक्टर 25 व 26 शामिल हैं। नई लाइन से उन्हें भी पर्याप्त पानी मिलेगा।