2016 में शहीद हो गए थे पिता, मां ने लिया था बेटे को सेना में भेजने का संकल्प
संवाद न्यूज एजेंसी
पटौदी। भोड़ाकलां गांव के शहीद हवलदार ऋषिपाल सिंह चौहान के बेटे ऋषभ चौहान भी पिता की तरह देश की सेवा करने के लिए भारतीय सेना में भर्ती हो गया है। भोड़ाकलां निवासी शहीद हवलदार ऋषिपाल सिंह चौहान 1997 में 15 कुमाऊ रेजीमैंट इंदौर से भारतीय सेना में भर्ती हुए थे। ऋषिपाल सिंह में देश की सेवा का जज्बा कूट-कूट कर भरा था और उनकी पोस्टिंग असम के तीनसुखिया में थी। 19 नवंबर 2016 को उल्फा नागा की तरफ से किए गए आईडी ब्लास्ट में ऋषिपाल सिंह चौहान शहीद हो गए थे।
शहीद हवलदार ऋषिपाल सिंह चौहान के बड़े भाई प्रेमपाल चौहान ने बताया कि भाई विनयपाल 15 राजपूत रेजीमैंट में भर्ती होकर देश सेवा की और उनके बाद छोटे भाई शहीद हवलदार ऋषिपाल सिंह चौहान ने भी भारतीय सेना में भर्ती होकर देश की सेवा की, लेकिन नवंबर 2016 में ऋषिपाल सिंह चौहान शहीद हो गए थे।
तब परिवार सहित शहीद की पत्नी लक्ष्मी देवी ने संकल्प लिया था कि वह छोटे बेटे ऋषभ चौहान को बड़ा होने पर पिता की तरह भारतीय सेना में भेजेंगी, जो उन्होंने संकल्प लिया था वह सपना साकार हो गया है। उन्होंने बताया कि शहीद हवलदार ऋषिपाल सिंह चौहान के बेटे ऋषभ चौहान का भी 15 कुमाऊ रेजीमैंट इंदौर में चयन हुआ है जोकि 15 दिसंबर से रानीखेत यूनिट में प्रशिक्षण शुरू हो जाएगा।