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Gurugram News: कैंसर का खौफ...फलेंडी में एक साल में 24 की मौत

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लगातार हो रही मौतों से गांव में दहशत का माहौल, ग्रामीण बोले-पानी और मिट्टी की जांच कराई जाए
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गुरूदत्त भारद्वाज

पुन्हाना। पुन्हाना उपमंडल के फलेंडी गांव में कैंसर जैसी घातक बीमारी लोगों की जिंदगी पर कहर बनकर टूट रही है। पिछले एक साल के भीतर गांव में दो दर्जन से अधिक लोग इस बीमारी की चपेट में आकर दम तोड़ चुके हैं। लगातार हो रही मौतों से गांव में दहशत का माहौल है। गांव में कोई न कोई व्यक्ति या तो कैंसर पीड़ित है या हाल ही में किसी को खो चुका है। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही ग्रामीणों की पीड़ा को और बढ़ा रही है।

गांव के लोगों का कहना है कि उन्होंने बार-बार स्वास्थ्य विभाग को मामले की जानकारी दी, लेकिन न तो गांव में स्वास्थ्य जांच शिविर लगाया गया और न ही किसी अधिकारी ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। ग्रामीण अब मामले को जिला उपायुक्त के रात्रि ठहराव कार्यक्रम के दौरान उनके संज्ञान में लाए जिस पर उपायुक्त ने जल्द ही गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम भेजने तथा पानी की जांच कराने का आश्वासन दिया है।
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तीन-चार साल से तेजी से बढ़ने लगे कैंसर के मरीज
फलेंडी गांव के लगभग हर मोहल्ले में कोई न कोई घर ऐसा है, जहां पिछले कुछ महीनों में किसी सदस्य की कैंसर से मौत हुई है। ग्रामीणों के अनुसार अब तक 24 लोगों की मौत कैंसर से हो चुकी है, जबकि काफी लोग अभी भी बीमारी से जूझ रहे हैं। कुछ का इलाज गुरुग्राम, दिल्ली और जयपुर जैसे शहरों में चल रहा है। गांव के बुजुर्गों का कहना है कि पहले कभी ऐसी बीमारी नहीं थी, लेकिन पिछले तीन-चार साल से कैंसर के मामले अचानक तेजी से बढ़ने लगे हैं। अगर पिछले दो तीन वर्ष की बात करें तो कैंसर से अभी तक पचास लोगों की मौत हो चुकी है।


दूषित पानी को बताया जा रहा मुख्य कारण

ग्रामीणों का कहना है कि गांव में पीने का पानी बेहद खराब गुणवत्ता का है। हैंडपंपों और नलों से निकलने वाला पानी इसका मुख्य कारण हो सकता है। ग्रामीणों के मुताबिक फलेंडी गांव गुड़गांव कैनाल से सटा हुआ है। कैनाल का गंदा पानी नालियों और जमीन के जरिए भूजल में मिल रहा है। यही दूषित पानी बीमारी का सबसे बड़ा कारण हो सकता है। ग्रामीणों ने मांग की है कि सरकार तत्काल गांव के पानी और मिट्टी की जांच कराए ताकि असल कारण का पता लगाया जा सके।




हर घर जल योजना से जुडा गांव लेकिन पीने को पानी नहीं

जनस्वास्थ्य विभाग द्वारा फलेंडी गांव को हर घर जल योजना से तो जोड़ दिया गया लेकिन गांव में पानी की सप्लाई शुरू नहीं की। गांव के लोग लंबे समय से पीने के पानी की मांग करते आ रहे है लेकिन जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की लापरवाही के कारण प्रदेश सरकार की यह योजना केवल कागजों में चल रही है।


स्वास्थ्य विभाग नहीं ले रहा कोई संज्ञान



ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में अब तक स्वास्थ्य विभाग की कोई विशेष टीम नहीं पहुंची है। न तो कैंसर की रोकथाम के लिए कोई जागरूकता अभियान चलाया गया है और न ही लोगों की स्क्रीनिंग की गई है। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते विभाग ने गंभीरता दिखाई होती तो कई जानें बचाई जा सकती थीं।


उपायुक्त से लगाई गुहार

बुधवार रात फलेंडी गांव में जिला उपायुक्त अखिल पिलानी के रात्रि ठहराव कार्यक्रम के दौरान गांव के लोगों ने इस गंभीर मामले को उनके समक्ष उठाया। ग्रामीणों ने कहा कि गांव में कैंसर से मौतों की जांच कराई जाए और स्वास्थ्य विभाग की टीम को तुरंत गांव में भेजा जाए। उपायुक्त ने ग्रामीणों की बात सुनने के बाद कहा कि वे स्वास्थ्य विभाग से रिपोर्ट तलब करेंगे और गांव में चिकित्सा विशेषज्ञों की टीम भेजकर जांच कराई जाएगी।


ग्रामीण बोले- हर दिन डर के साए में जी रहे

गांव के मौहम्मद इदरीश सहित कई लोगों ने कहा कि अब हालत यह है कि किसी के बीमार पड़ने पर सबसे पहले लोगों को कैंसर का डर सताने लगता है। कई परिवारों ने बताया कि उनके घर के दो-दो सदस्य इस बीमारी से काल का ग्रास बन चुके हैं। लोग अब गांव का पानी पीने से भी कतराने लगे हैं। कई घरों में बोतल बंद पानी या बाहर से टैंकर मंगवा कर पीने की व्यवस्था की जा रही है।


एक वर्ष के अंदर इन लोगों की हो चुकी है मौत

पिछले एक वर्ष के अंदर गांव के सद्दीक, सब्बीर, आसू, अरशद, इमरान, जब्बू, मैना, सुल्तान, सूका, लियाकत, हनीफ, अय्यूब, कय्यूम, जहीर खान, इस्लामी, कासम, इस्राइल, आसिया, अख्तर, इब्राहिम, जायदा, सुल्तान, शब्बीर, जरीना की कैंसर से मौत हो चुकी है। इसके अलावा गांव में खालिद, युनूस, जरीना सहित तकरीबन आधा दर्जन लोग कैंसर से पीड़ित हैं।


पिछले दिनों गांव के लोगों की शिकायत मिली थी जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग की ओर से गांव में शिविर लगाकर घर घर जांच की गई। साथ ही इसकी रिपोर्ट तैयार कर जिला उपायुक्त को भी दी गई।
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-सरबजीत थापर सीएमओ नूंह



ग्रामीणों द्वारा पता चला है कि कैंसर के कारण 20 लोगों की मौत हो चुकी है। पीने का पानी इसका कारण बताया जा रहा है। गांव में जल्द ही पानी की सैंपलिंग कराई जाएगी। साथ ही स्वास्थ्य विभाग की टीम को जांच के आदेश दिए जाएंगे।

-अखिल पिलानी जिला उपायुक्त नूंह
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