गुरुग्राम। बढ़ते डिजिटल युग में साइबर सिटी में सुरक्षा सहायता के नाम पर लोगों को ठगने का कारोबार फर्जी कॉल सेंटर के जरिए चल रहा है। इन फर्जी कॉल सेंटर के तार प्रदेश ही नहीं, बल्कि देश के विभिन्न हिस्सों समेत विदेशों से जुड़े हुए हैं। लोगों की निजी जानकारी जुटाकर सुरक्षा सहायता देने, लिंक भेजकर कंप्यूटर हैक करने के नाम पर यह कॉल सेंटर हजारों लोगों से करोड़ों रुपये ठग चुके हैं।
दरअसल, इन कॉल सेंटर के निशाने पर सर्वाधिक विदेशी ही होते हैं। विदेशियों से ठगी जाने वाली राशि हवाला के जरिए देश में पहुंचती है। पुलिस व मुख्यमंत्री उड़नदस्ते ने दिसंबर 2020 में ऐसे छह कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया था। संचालकों को पुलिस रिमांड पर लेकर जेल भेज दिया गया, लेकिन अदालत से जमानत मिलने के बाद संचालक खुलेआम घूम रहे हैं। साल 2018 में साइबर थाना बनने के बाद अब तक 30 से अधिक फर्जी कॉल सेंटर पकड़े जा चुके हैं, लेकिन एक भी संचालक को आज तक सजा नहीं हो पाई है।
कर्मी ही बना लेते हैं नया कॉल सेंटर
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, फर्जी कॉल सेंटर में छापा मारने के दौरान पकड़े गए संचालक व टीम लीडर को तो पुलिस जेल भेज देती है, लेकिन फोन कर अथवा लिंक भेजकर लोगों को अपना शिकार बनाने वाले कर्मचारियों को गवाह बनाया जाता है। यही कारण है कि उन्हें अपने ऊपर होने वाली कार्रवाई का कोई खौफ नहीं होता। बाद में यही कर्मचारी ही अपना कॉल सेंटर शुरू कर देते हैं।
शिकायत न हो इसलिए बनाते थे विदेशियों को शिकार
पुलिस के मुताबिक, साल 2018 में साइबर थाना बनने के बाद पकड़े गए 30 से अधिक फर्जी कॉल सेंटर के मामलों की जांच में सामने आया था कि यह लोग विदेशियों को अपना शिकार बनाते थे। ठगी के मामले में सरहद पार से शिकायत न आ पाने का हौसला इन कॉल सेंटर संचालकों को आगे बढ़ा रहा था।
रुपये मंगाने के लिए हवाला का साथ
विदेश से रुपये दो ही तरीकों से आ सकते हैं। गेटवे की मदद से आने वाले रुपये पर सरकार को टैक्स देना पड़ता है। वहीं, हवाला के जरिये आने वाली राशि सीधे ठगी करने वालों तक पहुंच जाती है और सरकार की नजर से भी बच जाते हैं।
24 घंट में 100 लोगों को बनाते थे शिकार
प्रत्येक फर्जी कॉल सेंटर में 10 से 30 कर्मचारी लोगों को अपने झांसे में लेते थे। औसतन 24 घंटे में 100 से अधिक लोगों को फोन करते थे। इसमें से करीब 50 लोग इनके शिकार हो जाते हैं। औसत यह एक व्यक्ति से 100 डॉलर लेते थे। अब तक यह हजारों लोगों से ठगी कर चुके हैं।
सूचना के आधार पर शहर से फर्जी कॉल सेंटर पकड़े गए हैं। पुख्ता सबूत व तकनीकी जांच के आधार पर ज्यादातर मामलों में अदालत में चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। अदालत से जल्द ही मामलों में फैसला आ जाएगा।
- करण गोयल, एसीपी, डीएलएफ