फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मुख्यमंत्री उड़न दस्ते ने अमेरिकी मूल के साथ ठगी करने वाले फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़

विज्ञापन
विज्ञापन
गुरुग्राम। मुख्यमंत्री उड़नदस्ते ने उद्योग विहार थाना पुलिस के साथ मिलकर अमेरिका मूल के नागरिकों के साथ ठगी करने वाले फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है। पुलिस टीम ने बुधवार देर रात की छापेमारी में 149 लोगों को हिरासत में लिया। इनमें से पूछताछ के बाद 17 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी व आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। टीम ने मौके से साढ़े 22 लाख रुपये से अधिक की नकदी बरामद की है। डीएसपी मुख्यमंत्री उड़नदस्ता इंद्रजीत यादव ने बताया कि उनके पास सूचना थी कि उद्योग विहार फेस-4 में अवैध कॉल सेंटर चल रहा है। पुलिस टीम ने छापेमारी के बाद आरोपियों को धर दबोचा। ठगी का मास्टरमाइंड गुरुग्राम निवासी हंसराज को बताया जा रहा है, जोकि फरार है।
विज्ञापन

----
तीन मंजिला इमारत में चार माह से चल रहा था गोरखधंधा
उड़नदस्ते ने अपनी कार्रवाई के दौरान पाया कि तीन मंजिला साइबिज कॉर्प नामक बिल्डिंग में विगत करीब चार माह से ठगी का यह गोरखधंधा संचालित हो रहा था। पुलिस टीम ने प्रत्येक तल पर छानबीन की तो प्रथम तल पर 28 लड़के और 13 लड़कियां दूसरे तल पर 47 लड़के 14 लड़कियां और तृतीय तल पर 31 लड़के व 16 लड़कियां काम करते मिले। यह सभी इंग्लिश भाषा में हेडफोन लगाकर अमेरिकी नागरिकों से बात कर रहे थे।
----
ज्यादातर को पता ही नहीं थी ठगी की बात
पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि कॉल सेंटर में काम करने वाले ज्यादातर को पता ही नहीं था कि वह ठगी के कारोबार से जुड़े हैं। ऐसे लोगों का कहना था कि उन्हें तो सिर्फ नौकरी पर रखा गया था। इस कार्य के बदले उन्हें वेतन दिया जाता था। ऐसे में पूछताछ के बाद पुलिस ने हिरासत में लए 132 लोगों को चेतावनी देकर छोड़ दिया। 17 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार करके कोर्ट में पेश किया। इनमें से 11 आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है, जबकि 6 लोगों को पूछताछ के लिए दो दिनों की रिमांड पर लिया गया है।
विज्ञापन

----
ऐसे करते थे ठगी
आरोपी अपनी कॉलिंग टीम के साथ मिलकर कॉल जेनरेट करवाकर अमेरिकी नागरिकों को कंप्यूटर के माध्यम से वॉयस मैसेज भेजकर खुद को माइक्रोसॉफ्ट का प्रतिनिधि बताकर टेक्निकल सपोर्ट देने की बात करते थे। बाद में उनको अपने झांसे में लेकर 400 से 1000 डालर तक के गिफ्ट कार्ड खरीदवाकर सुपरवाइजर संचालक को देता था। इसकी एवज में उन्हें वेतन के अलावा इनसेंटिव भी दिया जाता था।
----
इन लोगों को किया गया गिरफ्तार:
- देव प्रकाश उर्फ मोनू निवासी 94 मथीक बंग्लोज, अहमदाबाद
- अनिरुध अग्रवाल निवासी 302, ओरची वैली सेक्टर-19 द्वारका दिल्ली
- अरशद शर्मा ञ्च राहुल शर्मा निवासी आर.डी.डब्ल्यू - 110, महावीर विहार, सेक्टर -1, द्वारका दिल्ली
- आशीष आनंद निवासी 1560, रानीबाग
- गोविंद सिंह उर्फ रिंकी, निवासी-18, मीनाक्षी गार्डन, सुभाष नगर, दिल्ली
- अनिस एंथोनी, निवासी डी/103, श्री हरी बलेसिंग नई सीजी रोड, चांदखेड़ा, अहमदाबाद
- विक्रम कुमार शर्मा निवासी बी -1700/3 शास्त्री नगर नई दिल्ली
- सुभम सुनाम निवासी म.न. 190, बंसत विहार नई दिल्ली
- सुमित, निवासी म.न. 6ए , रुपाली इंकलेव, कराला दिल्ली, आयुष सिंघल निवासी डी-37 इस्टेट आजाद नगर, गली 8 दिल्ली, बाबू राजन निवासी सांबरमती, अहमदाबाद
-अभिलाष कुमार मकान नं. 161, खुशहाल पर्वत, कल्यानी देवी जिला प्रयागराज यूपी
- शोविक सेन निवासी गांव चांदखेडा जिला अहमदाबाद
- स्वर्ण जीत सिंह निवासी सी-116, जीवन पार्क, गली 12 उत्तम नगर दिल्ली
- रमित विग निवासी ए-1/163, ओम विहार फेस-5, गली न. 8 नजदीक मदर डेयरी, उत्तम नगर, दिल्ली
- मनीष कुमार निवासी म.न. 25 मशीगढ़, सुखदेव विहार, दिल्ली ओखला
- नीमा वों गदी शेरपा निवासी 236, मुनिरका नजदीक सरकारी स्कूल दिल्ली।
----
यह हुआ बरामद:
आरोपियों के कब्जे से प्रयोग किए जा रहे 6 लैपटॉप, 3 डेस्कटॉप, 18 मोबाइल फोन, एक पेन ड्राइव 64 जीबी के साथ ही 22,50,600 रुपये क नकदी बरामद हुए।
----
अब तक 38 फर्जी कॉल सेंटरों का भंडाफोड़
मुख्यमंत्री उड़नदस्ते व कमिश्नरी की पुलिस के सहयोग से ढाई साल में 38 फर्जी कॉल सेंटरों का भंडाफोड़ किया गया है। ठग किराये के भवन में अपनी दुकान सजाते हैं। चार माह से छह माह के बीच में ठगी की मोटी रकम वसूल लेते हैं। पुलिस की ओर से आरोपियों को अदालत में पेश कर चार्जशीट दाखिल की गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें