गुरुग्राम। दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (डीएचबीवीएन) की कवायद रंग लाई तो जल्द ही अपना शहर जनरेटर मुक्त होगा। शहर में लगातार बिगड़ रही प्रदूषण की हालत को देखते हुए बिजली निगम नई कवायद में जुट गया है। इसके लिए विभिन्न तरह के प्रयास बिजली निगम की ओर से किए जा रहे हैं। साथ ही एक व्यापक योजना पर मंथन किया जा रहा है।
डीएचबीवीएन के प्रबंध निदेशक पीसी मीणा ने बृहस्पतिवार को मीडिया के सामने शहर के प्रदूषण को कम करने में बिजली निगम के सहयोग को साझा किया। ‘उद्यमियों के द्वार डीएचबीवीएन’ कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर गुरुग्राम पहुंचे मीणा ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि डीएचबीवीएन के क्षेत्र में उद्योगों को औसतन 23 घंटे 52 मिनट बिजली आपूर्ति की जा रही है। इस 8 मिनट के गैप को भी कम करने की कोशिश जारी है। जिन फीडरों में बिजली कट ज्यादा हैं, उनमें सुधार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उद्योगों को जनरेटर मुक्त करने की दिशा में काम किया जा रहा है ताकि वातावरण में प्रदूषण भी कम हो। उन्होंने बताया कि कई स्थानों पर बिजली के नए सब स्टेशन भी स्थापित किए जा रहे हैं।
एक साल में टेकओवर करेंगे स्मार्ट ग्रिड
गुरुग्राम में बन रहे स्मार्ट ग्रिड के टेकओवर पर मीसी मीणा ने कहा कि एक साल में इसे टेकओवर कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि एक महीने पहले इसके प्रथम फेज को टेकओवर किया गया है। अब इसके तीन फेज और बकाया है, जिनका काम चल रहा है। निश्चित ही स्मार्ट ग्रिड से गुरुग्राम की तमाम बिजली समस्याएं समाप्त हो जाएंगी।
ईज ऑफ डूइंग बिजनेस की तर्ज पर ईज ऑफ कनेक्शन
उद्योगों के सामने बिजली कनेक्शन समय पर नहीं मिलने की समस्या पर मीणा ने कहा कि पूरे प्रदेश में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस की तर्ज पर ईज ऑफ कनेक्शन की सुविधा उद्यमियों को दी जाएगी ताकि वे अपनी ऊर्जा को कनेक्शन प्राप्त करने की जद्दोजहद की बजाय अपने उद्योग को स्थापित करने में लगाएं। उन्होंने कहा कि इसकी शुरुआत गुरुग्राम से हो गई है। ऐसे ही कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जाएंगे। गुरुग्राम के बाद अगले चरण में फरीदाबाद और रेवाड़ी में ‘उद्यमियों के द्वार डीएचबीवीएन’ कार्यक्रम होगा। एक से डेढ़ महीने के भीतर फिलहाल कुल 12 कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके बाद भी ये कार्यक्रम लगातार जारी रहेंगे। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम में जरिये निगम के कर्मचारियों को एक संदेश भी दिया जा रहा है कि सरकार और प्रबंधन जब उद्यमियों के लिए इतनी गंभीर है तो उन्हें भी गंभीर होना चाहिए।
नियुक्त होंगे रिलेशनशिप मैनेजर
मीणा ने कहा कि उद्यमियों की सुविधा के लिए बैंकों की तर्ज पर रिलेशनशिप मैनेजर (आरएम) की परिकल्पना को लागू किया जाएगा ताकि उद्यमियों को अपनी बिजली संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए इधर-उधर न भटकना पड़े। ये रिलेशनशिप मैनेजर उद्यमियों का सहयोग करेंगे और उनकी बिजली संबंधी समस्याओं के समाधान करवाएंगे। उद्यमी को केवल रिलेशनशिप मैनेजर से संपर्क करना है।
बड़े शहरों में बनेंगे हाईटेक शिकायत केंद्र
बिजली निगम अब बड़े शहरों में मोबाइल कंपनियों की तर्ज पर हाईटेक शिकायत केंद्र खोलने की तैयारी भी कर रहा है। इसकी शुरुआत गुरुग्राम से होगी। पीसी मीणा ने बताया कि उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए हेल्पलाइन नंबर-1912 चलाया जा रहा है। इसके अलावा व्हाटस एप के माध्यम से भी हेल्पलाइन नंबर-8813999708 पर बिजली निगम की सेवाएं प्राप्त करने की सुविधा भी शुरू की गई है। जहां बिजली उपभोक्ता अपनी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं। अब बड़े शहरों में मोबाइल इसके अलावा हेल्पलाइन नंबर-7082102200 पर मिस्ड कॉल करके भी बिजली उपभोक्ता अपने बिजली बिल की जानकारी प्राप्त कर सकता है। उपभोक्ताओं को बिल अदायगी के लिए कई पेमेंट ऑप्शन दिए जा रहे हैं, फिर भी इन ऑप्शन में विस्तार किया जाएगा। उन्होंने ये भी बताया कि गलत बिजली बिल आदि संबंधी समस्याओं के निवारण के लिए कमर्शियल बैक ऑफिस (सीबीओ) का एक्सटेंशन सैंटर गुरुग्राम में जल्द ही शुरू किया जाएगा।
अवैध कॉलोनियों में नहीं दिए जाएंगे कनेक्शन
पीसी मीणा ने कहा कि शहरी क्षेत्र के आसपास काटी जा रही अवैध कॉलोनियों में किसी भी सूरत में बिजली कनेक्शन नहीं दिए जाएंगे। इसके लिए सभी सर्किल में सर्कुलर जारी किया जा रहा है। इसके अलावा जो प्राइवेट कॉलोनाइजर या बिल्डर उपभोक्ताओं से तय दाम से अधिक बिजली बिल वसूली कर रहे हैं, अगर उनके संज्ञान में कोई मामला आया तो कार्रवाई करेंगे।