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बिल्डर कंपनी पर प्रति एकड़ 22 करोड़ का करार कर दो करोड़ दिखाने आरोप

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गुरुग्राम। एक बिल्डर ने बहरामपुर गांव में किसान की जमीन का 22 करोड़ रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से बयाना लिया और बाद में बयाना रसीद में छेड़छाड़ कर 22 को 2 करोड़ बना दिया। इतना ही नहीं, इस जमीन पर स्थगन आदेश भी ले लिया गया। पीड़ित पक्ष ने अदालत में याचिका दायर की। जिसके आधार पर अदालत ने डीएलएफ सेक्टर-29 थाना पुलिस ने साजिश के तहत ठगी और फर्जी दस्तावेज तैयार करने का मामला दर्ज किया है।
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पुलिस के अनुसार, गांव बहरामपुर निवासी नलबीर ने ठगी का आरोप ब्रजेश कुमार सिंह, नागेंद्र सिंह, वरुण सिंघल, तरुण सिंघल, राकेश गुप्ता और महेंद्र सिंह पर लगाया गया है। आरोपी ब्रजेश कुमार सिंह और नागेंद्र सिंह दिल्ली विवेक विहार की बिल्डर कंपनी निरुकति रियरटैक प्राइवेट लिमिटेड में निदेशक हैं। वरुण और तरुण सिंघल दिल्ली नेहरू प्लेस की बिल्डर कंपनी मैसर्स काया बिल्डटैक प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक हैं। राकेश गुप्ता निरुकति रियलटेक प्राइवेट लिमिटेड का कर्मचारी है।
शिकायतकर्ता के पास कुल 99 कनाल यानी करीब 12 एकड़ जमीन है। निरुकति कंपनी के डायरेक्टर व कर्मचारी शिकायतकर्ता के पास आए और 22 करोड़ रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से जमीन का सौदा तय किया। 25 मई 2016 को 10 लाख रुपये एडवांस चेक से, 7 लाख एक अन्य चेक से और 3 लाख का एक अन्य चेक दिया। फिर बयाना रसीद तैयार की जिसकी असली कॉपी आरोपियों के कर्मचारी ने रख ली जबकि दूसरी कॉपी शिकायतकर्ता को दे दी। साथ ही कहा गया कि 10 दिन बाद फाइनल एग्रीमेंट कर लेंगे लेकिन 10 दिन के दौरान आरोपी नहीं आए और पीड़ित से संपर्क नहीं किया।
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22 फरवरी 2020 को नेहरू प्लेस की काया बिल्डर कंपनी के निदेशक आए और बताया कि आपकी जमीन पर कोर्ट से स्थगन आदेश ले लिया। तब शिकायतकर्ता को इस बारे में पता चला। वकील के जरिये 24 फरवरी 2020 को कोर्ट फाइल चेक की तो पाया कि इन सभी आरोपियों ने मिलकर साजिश के तहत एडवांस की रसीद में 22 करोड़ रुपये प्रति एकड़ की जगह 2 करोड़ रुपये प्रति एकड़ भर दिया। साथ ही नेहरू प्लेस वाली कंपनी का नाम भी इसमें लिख दिया था।
इस रसीद की अवधि भी बढ़ा दी गई थी। पीड़ित ने अदालत में याचिका दायर कर गुहार लगाई कि उस क्षेत्र में जमीन का रेट कम से कम 20 करोड़ रुपये प्रति एकड़ है। ऐसे में वो 2 करोड़ रुपये प्रति एकड़ क्यों एग्रीमेंट या रसीद साइन करेंगे। कोर्ट ने याचिका पर संज्ञान लेते हुए पुलिस को मामले में मामला दर्ज करने के निर्देश दिए। जिस पर डीएलएफ सेक्टर-29 थाना में आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
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