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बिजली निगम की मनमानी : मरम्मत के नाम पर दिन भर गुल कर दी बिजली

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गुरुग्राम। रविवार को बिजली निगम की बड़ी लापरवाही देखने को मिली। निगम के कर्मचारियों ने मरम्मत के नाम पर 8 घंटे से अधिक समय तक शहर के पॉश क्षेत्र सहित बड़े हिस्से की बिजली गुल कर दी। हैरानी की बात यह रही कि उच्च अधिकारियों को मरम्मत की जानकारी तक नहीं थी। इस बीच निचले अधिकारी और कर्मचारी फोन पर लोगों को गलत जानकारी और सूचनाएं देते रहे। बिजली निगम के कंट्रोल रूम में जब फोन की घंटियां घनघनाने लगी तो वहां से भी लगातार मरम्मत का बहाना बनाया जाता रहा। अधिकारियों और कर्मचारियों को बार-बार फोन करने के बाद भी व्यवस्था में कोई सुधार नहीं हुआ और लोग घंटों बिजली का इंतजार करते रहे। इस बीच व्यावसायिक गतिविधियों पर खासा असर पड़ा। छुट्टी के बावजूद कई जरूरी कार्यालयों में कामकाज शाम तक पूरी तरह ठप रहा।
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रविवार को सुबह करीब 11:15 बजे शहर के सबसे पॉश कहे जाने वाले सिविल लाइंस सहित सेक्टर-15 पार्ट एक और पार्ट दो कि बिजली अचानक गुल हो गई। इसके साथ ही रोशनपुरा, बर्फ खाना, पटेल नगर, फ्रेंड्स कॉलोनी, चंदन नगर, कीर्ती नगर, सदर बाजार, शिवाजी नगर सहित कई कॉलोनियों में भी बिजली गायब हो गई। नियमित प्रक्रिया समझ कर लोगों ने कोई खास ध्यान नहीं दिया, लेकिन जब दोपहर बाद तक भी बिजली की आपूर्ति सुचारू नहीं हो पाई तो लोगों ने निगम के कंट्रोल रूम में फोन करने शुरू किए। कंट्रोल रूम से लोगों को लगातार सेक्टर-15 में मरम्मत की सूचना दी जाती रही। लोग क्षेत्र के एसडीओ से लेकर जेई तक को फोन मिलाकर बिजली आपूर्ति सुचारू होने की जानकारी मांगते रहे। लोगों को लगातार आधे घंटे में बिजली आपूर्ति सुचारू करने का भरोसा दिया जाता रहा। बात में सभी अधिकारियों ने अपने अपने फोन उठाने ही बंद कर दिए। देर शाम तक भी बिजली आपूर्ति सुचारू नहीं हो पाई थी। बाद में अधीक्षण अभियंता मनोज यादव को इसकी सूचना दी गई तो उन्होंने मरम्मत से अनभिज्ञता जताई। उन्हें जब पूरा मामला विस्तार से बताया गया तो उन्होंने अपने मातहतों को जमकर फटकार लगाई। अधीक्षण अभियंता मनोज यादव ने अपने मातहतों की लापरवाही पर खेद प्रकट किया। उन्होंने कहा कि मरम्मत भी जरूरी है, लेकिन कर्मचारियों की लापरवाही ठीक नहीं। सबको पहले से सूचना देकर ही कटौती करनी चाहिए।
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